Bengal election 2021 : सड़क के खंभे बताएंगे 'दीदी' को कैसे लगी चोट, फोरेंसिक विभाग ने की जांच - Naya India
आज खास | ताजा पोस्ट | देश | पश्चिम बंगाल| नया इंडिया|

Bengal election 2021 : सड़क के खंभे बताएंगे ‘दीदी’ को कैसे लगी चोट, फोरेंसिक विभाग ने की जांच

mamata banerjee income

kolkata: बंगाल चुनाव (Bengal election) को लेकर देशभर में चर्चाएं हो रही हैं. केंद्र में बैठी BJP सरकार बंगाल में किसी भी तरह से सत्ता हासिल करने को आतुर है. दूसरी तरफ बंगाल की सीएम ममता बनर्जी (MAMTA BANERJEE) भी BJP के हर दाव का करारा जवाब दे रही है. 10 मार्च को बंगाल के नंदीग्राम (NANDIGRAM) में दीदी के घायल होने के बाद से जैसे बंगाल के चुनाव में एक नया मोड़ आ गया है. अभी भी दीदी की चोट को लेकर TMC ओर BJP के कार्यकर्ताओं के बीच जबानी जंग जारी है. हालांकि चुनाव आयोग ने ममता ‘दीदी’ के चोटिल होने को एक दुर्घटना (ACCIDENT) करार दे दिया था. इसके बाद भी दोनों ही पार्टियां एक दूसरे पर हमलावर है. इसा कड़ी में आज राज्य के फोरेंसिक विभाग (Forensic Department ) ने नंदीग्राम में उन इलाकों के खंभों का निरीक्षण किया है जहां ममता बनर्जी चुनाव प्रचार के दौरान घायल हुई थीं. राज्य सरकार खंभों की जांच कर ये जानने का प्रयास कर रही है कि आखिर ऐसा भी क्या हुआ जिससे ममता बनर्जी घायल हो गयी.

इसे भी पढ़ें- Bengal election 2021 : ओवैसी की बारात छोड़कर दुल्हा हुआ फरार !

नंदीग्राम में सड़क किनारे खंभों का किया निरीक्षण

चोट के कारणों का पता लगाने के लिए फोरेंसिक विभाग की एक टीम आज नंदीग्राम की उन्हीं सड़कों पर घूमती नजर आयी जहां दीदी चोटिल हुई थी. फोरेंसिक विभाग की टीम अब बेजान खंभों (POLES) से सीएम को लगे चोट के बारे में जानने का प्रयास कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो नंदीग्राम इलाके में खभों के निरीक्षण के दौरान उन खंभों में स्टीकर भी लगाए गये और उन खंभों की पहचान की गयी जिससे टकरा कर दीदी घायल हुई थी.

इसे भी पढ़ें-  BJP सांसद ने फिर दिया विवादित बयान कहा- तीसरे बच्चे को जन्म देने के पहले सरकार से लेना होगा NOC

सौंपी गयी थी अलग-अलग रिपोर्ट

नामांकन पत्र (Nomination forn) दाखिल करने के बाद क्षेत्र में चुनाव प्रचार करती दीदी चोटिल हो गयी थी. टीएमसी इसके बाद से लगातार बीजेजी पर हमला कर रही थी. TMC के नेताओं का कहना था कि BJP के कुछ लोगों ने दीदी को जान कर धक्का दिया जिससे वे घायल हो गयी. हालांकि इस बारे में TMC कोई सबूत पेश नहीं कर सकीं. दूसरी ओर भाजपा उल्टा टीएमसी पर ही आरोप लगाती रही कि ममता ‘दीदी’ ने चुनावी फायदा लेने के लिए अपने एक्सीडेंट को प्लान किया था. बता दें कि इस मामले में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और दो स्पेशल चुनाव ऑब्जर्वर ने चुनाव आयोग को अलग-अलग रिपोर्ट सौंपी थी.

इसे भी पढ़ें- रांची में पति के अवैध संबंध से परेशान होकर निशानी मिटाने के लिए बेटी को बोरी में बंद कर लगा दी आग

By वेद प्रताप वैदिक

हिंदी के सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले पत्रकार। हिंदी के लिए आंदोलन करने और अंग्रेजी के मठों और गढ़ों में उसे उसका सम्मान दिलाने, स्थापित करने वाले वाले अग्रणी पत्रकार। लेखन और अनुभव इतना व्यापक कि विचार की हिंदी पत्रकारिता के पर्याय बन गए। कन्नड़ भाषी एचडी देवगौड़ा प्रधानमंत्री बने उन्हें भी हिंदी सिखाने की जिम्मेदारी डॉक्टर वैदिक ने निभाई। डॉक्टर वैदिक ने हिंदी को साहित्य, समाज और हिंदी पट्टी की राजनीति की भाषा से निकाल कर राजनय और कूटनीति की भाषा भी बनाई। ‘नई दुनिया’ इंदौर से पत्रकारिता की शुरुआत और फिर दिल्ली में ‘नवभारत टाइम्स’ से लेकर ‘भाषा’ के संपादक तक का बेमिसाल सफर।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

});