संरा की चेतावनी, पृथ्वी पर संकट !

जेनेवा। पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा है। पहले भी ऐसी कई रिपोर्ट आ चुकी है जिसमें बताया गया है कि अगर ऐसे ही तापमान बढ़ता रहा तो ध्रुवों पर जमी बर्फ पिघल जाएगी जिससे समुद्र का जलस्तर बढ़ेगा और मुंबई जैसे शहर पानी में समा जाएंगे। इसके साथ ही जलवायु परिवर्तन से मौसम परिवर्तन का असर ज्यादा देखने को मिलेगा जिससे कहीं ज्यादा बारिस होगी तो कहीं सूखा पड़ेगा।

संयुक्त राष्ट्र ने भी अपनी नई रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि वैश्विक तापमान में इस सदी के ​अंत तक करीब 3.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। जिसके काफी विनाशकारी असर देखने को मिलेंगे।

संयुक्त राष्ट्र जलवायु कार्यक्रम के वार्षिक उत्सर्जन अंतराल रिपोर्ट के मुताबिक सभी देशों को अपने प्रतिबद्ध योगदान (एनडीसी) महत्वाकांक्षाओं को तीन गुना बढ़ाना चाहिए ताकि दो डिग्री सेल्सियस से नीचे के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। साथ ही, 1.5 डिग्री सेल्सियस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पांच गुना से अधिक योगदान (एनडीसी) करना चाहिए।

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई कि पेरिस समझौते के अंतर्गत अगर सभी बिना शर्त वाली प्रतिबद्धताओं को पूरा कर लिया जाता है तो इस सदी के अंत तक तापमान में 3.2 डिग्री बढ़ोतरी होने का अनुमान है।इसमें कहा गया है, ‘‘अगर सशर्त एनडीसी को भी प्रभावी तरीके से लागू किया जाए तो तापमान में करीब 0.2 डिग्री सेल्सियस की कमी की संभावना है।’’

रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर ग्रीन हाउस गैस में 7.6 फीसदी की कमी की जानी चाहिए, ताकि पेरिस समझौते के मुताबिक वैश्विक तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान वृद्धि रखने के लक्ष्य को पूरा किया जा सके। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘जब तक वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 2020 और 2030 के बीच प्रति वर्ष 7.6 फीसदी की कमी नहीं होती है तब तक पेरिस समझौते के तहत डेढ़ डिग्री सेल्सियस तापमान के लक्ष्य को पूरा नहीं किया जा सकेगा।’’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares