Corona in Children : युवा तो छोड़िए मासूम बच्चों को भी निगल रहा है Covid का नया वायरस - Naya India
आज खास | देश | दिल्ली| नया इंडिया|

Corona in Children : युवा तो छोड़िए मासूम बच्चों को भी निगल रहा है Covid का नया वायरस

नई दिल्ली | देशभर में कोरोना वायरस (Corona Virus New Waves) का हाहाकार मचा हुआ है। प्रतिदिन दो लाख से अधिक लोग संक्रमित (Corona Positive) हो रहे हैं। पहले यह बुजुर्गों तक सीमित था, लेकिन दूसरी लहर में 12 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ नवजात शिशुओं को भी कोरोना अपना शिकार बना रहा है। नौजवान युवा भी बड़ी संख्या के शिकार हो रहे हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal) और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Rajasthan Chief Minister Ashok Gehlot) भी पहले ही इस लहर को खतरनाक मान चुके हैं। वहीं डॉक्टर भी इस लहर को बेहद खतरनाक मान रहे हैं। जिसकी वजह से अस्पतालों में छोटे बच्चों से लेकर युवाओं में इस संक्रमण का असर खासी तेजी से बढ़ रहा है।

दिल्ली में कोरोना (Covid in Delhi) की इस लहर ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। क्या बच्चे और क्या ही बुजुर्ग हर कोई इस संक्रमण की चपेट में आ रहा है। दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में आपातकालीन विभाग की प्रमुख डॉ. ऋतु सक्सेना का कहना है कि, इस बार बच्चों में भी कोविड देखने को मिल रहा है, मात्र कुछ दिन के बच्चे भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। कोरोना वायरस की इस महामारी में जबसे ये नई लहर शुरू हुई है।

इसे भी पढ़ें – कोरोना के मामले बढ़ने पर एक्सपर्ट्स ने ऐसे मास्क पहनने को बताया सही

तबसे अभी तक 7 से 8 छोटे बच्चे ही भर्ती हुए हैं। हर दिन में एक या दो बच्चे कोरोना संक्रमित आ रहे हैं। इनमें सबसे छोटा बच्चा तो नवजात शिशु है जो अस्पताल में ही संक्रमित हुआ था। डॉ. का कहना है कि 15 से 30 वर्ष तक के करीब 30 फीसदी नौजवान लोगों में भी संक्रमण दिख रहा है। अब युवाओं को भी कोविड की इस महामारी से सावधान रहना होगा। दरअसल दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल भी युवाओं को लेकर अपनी चिंता व्यक्त कर चुके हैं और उन्होंने अपील करते हुए भी कहा था कि जरूरी वक्त में ही घर से बाहर निकलें।

इसे भी पढ़ें – देश में कोरोना का तांडव : 24 घंटे में 2 लाख तक कोरोना के नए केस दर्ज, राज्य सरकारों के सभी प्रयास विफल!

डॉ सक्सेना ने आगे बताया कि, इस बार जिन नौजवानों को संक्रमण हो रहा है उन सबमें बुखार का लक्षण जरूर देखने को मिल रहा है। बाद में बेड न मिलने का डर, लोगों को अस्पतालों की ओर खींच रहा है, लोगों का मानना है कि यदि अस्पताल में बेड मिल जाएगा तो हम बच जाएंगे। लोगो के अंदर से पहले ये डर निकालना होगा। डॉ. ऋतु ने आईएएनएस से कहा कि, एलएनजेपी अस्पताल में यदि वही मरीज आए जिनको वास्तव में इलाज की जरूरत है तो अस्पताल सही ढंग से इस बीमारी से निपट सकता है। वरना चिकित्सकों का आधा समय अन्य मरीजों को समझाने और उनको बताने में ही लग जा रहा है।

हालांकि इस बार यह भी देखा जा रहा है कि यदि घर में एक व्यक्ति पॉजिटिव है तो पूरा परिवार संक्रमित पाया जा रहा है। दरअसल दिल्ली में पिछले 24 घंटे में दिल्ली में कोरोना के 17,282 नए मरीजों की पुष्टि हुई और एक बार एक लाख से ज्यादा 1 लाख 8 हजार 534 सैंपल की जांच में 15.92 फीसदी पॉजिटिविटी रेट दर्ज हुआ है। वायरस की वजह से 1 सौ 4 मरीजों की मौत हो गई। बढ़ते मामलों को देख दिल्ली में सप्ताहंत कर्फ्यू का ऐलान कर दिया गया है, कर्फ्यू शुक्रवार रात 10 बजे शुरू होगा और सोमवार सुबह 6 बजे तक जारी रहेगा।

By Pradeep Singh

Experienced Journalist with a demonstrated history of working in the newspapers industry. Skilled in News Writing, Editing. Strong media and communication professional. Many Time Awarded by good journalism. Also Have Two Journalism Fellowship. Currently working with Naya India.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *