विजय कथेरिया ने 2 माह की बेटी को तोहफे में दिया चांद पर प्लॉट, जानिए कैसे खरीदी जाती है चांद पर जमीन? - Naya India
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विजय कथेरिया ने 2 माह की बेटी को तोहफे में दिया चांद पर प्लॉट, जानिए कैसे खरीदी जाती है चांद पर जमीन?

plot on Moon to two month old daughter nitya

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दिल्ली। 
गुजरात के बिजनेसमैन विजय कथेरिया सुर्खियों में हैं। वजह ये है कि विजय कथेरिया ने अपनी दो माह की बेटी को तोहफे में चांद पर प्लॉट दिया है। इन्होंने बेटी के लिए चांद पर एक एकड़ जमीन खरीदी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विजय कथेरिया ने 13 मार्च को चंद्रमा पर जमीन खरीदने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके लिए न्यूयॉर्क इंटरनेशनल लूनार लैंड रजिस्ट्री कंपनी को ईमेल भेजा था, जिसे हाल ही कंपनी ने मंजूर कर लिया। न्यूयॉर्क इंटरनेशनल लूनार लैंड रजिस्ट्री कंपनी ने विजय कथेरिया की बेटी के लिए जमीन खरीदने से संबंधित सभी डॉक्यूमेंट भी इनको भेज दिए हैं। साथ ही आधिकारिक घोषणा भी कर दी है। विजय कथेरिया गुजरात के वो पहले बिजनेसमैन बन गए हैं, जिन्होंने बेटी के लिए चांद पर जमीन पर खरीदी है।

चांद बसाया जाएगा ‘इंटरनेशनल गांव’

बता दें कि जमाना बदल चुका है। वर्ष 2020 से 2030 के बीच यूरोपियन अंतरिक्ष एजेंसी चांद पर ‘इंटरनेशनल गांव’ बसाने की तैयारी में है। वहीं, अमेरिका की स्पेश एजेंसी नासा, रूस की अंतरिक्ष एजेंसी Roscosmos और चीन की CNSA चांद पर बेस बनाने की योजना में जुटी हैं।

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चांद पर जमीन खरीदने वाले विजय कथेरिया कौन हैं?

बता दें कि विजय कथेरिया मूलरूप से गुजरात के सौराष्ट्र के रहने वाले हैं। वर्तमान सूरत के सरथाणा इलाके में रहते हैं। कांच के व्यापारी हैं। दो माह पहले विजय के घर बेटी नित्या का जन्म हुआ। तभी उन्होंने बेटी को अनूठा तोहफा देने का मन बना लिया था और फिर चांद पर जमीन उपलब्ध करवाने वाली न्यूयॉर्क इंटरनेशनल लूनार लैंड रजिस्ट्री कंपनी को मेल भेजा।

चांद पर जमीन कैसे खरीदते हैं?

विजय कथेरिया से पहले भी आपने सुना होगा कि उन्होंने खुद या अपने किसी खास व्यक्ति के लिए चांद पर जमीन खरीदी है। आखिर चांद पर जमीन की खरीद कैसे होती है। इसका जवाब टीवी—9 की ​एक रिपोर्ट में मिलता है, जिसके मुताबिक इंटरनेट पर ऐसी कई वेबसाइट मौजूद हैं, जो चांद पर जमीन खरीदने का ऑफर देती हैं।

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कैसे होते हैं चांद वाले प्लॉट के कागज?

चांद पर जमीन खरीदने वाले द्वारा पेमेंट करने के बाद संबंधित वेबसाइट की कंपनी की ओर से उसको जमीन के ​सर्टिफिकेट, रजिस्ट्री आदि कागजात दिए जाते हैं, जिनमें चांद पर आपकी जमीन के टुकड़े का क्षेत्रफल, लोकेशन, पृथ्वी के नक्शे पर उसकी देशांतर स्थिति आदि की पूरी जानकारी दी जाती है। इसमें सैटेलाइट के जरिए ली हुई फोटो भी साथ में दी जाती है।

चांद पर जमीन की कीमत व नियम

चांद पर जमीन की कीमत हर वेबसाइट ने अलग—अलग तय कर रखी है। औसतन रेट 30 से 40 डॉलर प्रति एकड़ है। बात अगर कानूनी प्रक्रिया की करें तो इसे गैरकानूनी माना है। दरअसल, साल 1967 में भारत समेत 104 देशों ने मिलकर एक आउटर स्पेस ट्रीटी साइन की थी। ट्रीटी के नियमानुसार अंतरिक्ष की वस्तुओं पर किसी का हक नहीं है। चांद भी किसी देश के अंडर में नहीं आता है और वहां कोई भी अपना अधिकार नहीं जमा सकता।

क्या है चांद पर जमीन खरीदने का असली मकसद?

टीवी-9 की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ये वेबसाइट चांद पर कोई जमीन भौतिक रूप में नहीं बेच रही हैं। ये सिर्फ एक सर्टिफिकेट देती हैं, जिसकी कोई कानूनी मान्यता नहीं है। ना ही कभी ऐसा हो सकता है कि आप वहां जाकर रह सकते हैं, ना ही आप वहां जा सकते हैं। इसलिए यह सिर्फ खुद की खुशी के लिए है, यह कोई वास्तिवक जमीन की खरीद नहीं होती है. यह सिर्फ सर्टिफिकेट होते हैं। लोगों का चांद पर जमीन खरीदने असल मकसद उस सर्टिफिकेट को तोहफा देना होता है, जो उन्हें फील करवाता है कि उनकी चांद पर जमीन है।

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