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कट,कॉपी पेस्ट कमांड के जनक लैरी टेस्लर का निधन

सैन फ्रांसिस्को। अमेरिका के प्रसिद्ध कंप्यूटर वैज्ञानिक और कट, कॉपी, पेस्ट, फाइंड और रिप्लेस कमांड के आविष्कारक लैरी टेस्लर का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। जेरॉक्स पालो ऑल्टो रिसर्च सेंटर ने बुधवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी। टेस्लर का सोमवार को निधन हुअा था।

लैरी टेस्लर का न्यूयार्क में 1945 जन्म हुआ था। उन्होंने कैलिफोर्निया के स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएट टेस्लर ह्यूमन कंप्यूटर इंटरेक्शन में विशेषज्ञ थे।

उन्होंने अमेजॉन, ऐप्पल, याहू और जेरॉक्स पालो ऑल्टो रिसर्च सेंटर में काम किया। उन्होंने जेरॉक्स में कार्य करते हुए कंट्रोल प्लस सी और कंट्रोल प्लस वी कमांड की खोज की थी। लैरी ने एप्पल में प्रमुख वैज्ञानिक के रूप में 17 वर्ष तक काम किया। उन्होंने एक शिक्षा स्टार्टअप की स्थापना की तथा अमेजॉन और याहू में यूजर एक्सपीरियंस टेक्नोलॉजी पर काम किया।

By हरिशंकर व्यास

भारत की हिंदी पत्रकारिता में मौलिक चिंतन, बेबाक-बेधड़क लेखन का इकलौता सशक्त नाम। मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक-बहुप्रयोगी पत्रकार और संपादक। सन् 1977 से अब तक के पत्रकारीय सफर के सर्वाधिक अनुभवी और लगातार लिखने वाले संपादक।  ‘जनसत्ता’ में लेखन के साथ राजनीति की अंतरकथा, खुलासे वाले ‘गपशप’ कॉलम को 1983 में लिखना शुरू किया तो ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ में लगातार कोई चालीस साल से चला आ रहा कॉलम लेखन। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम शुरू किया तो सप्ताह में पांच दिन के सिलसिले में कोई नौ साल चला! प्रोग्राम की लोकप्रियता-तटस्थ प्रतिष्ठा थी जो 2014 में चुनाव प्रचार के प्रारंभ में नरेंद्र मोदी का सर्वप्रथम इंटरव्यू सेंट्रल हॉल प्रोग्राम में था। आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों को बारीकी-बेबाकी से कवर करते हुए हर सरकार के सच्चाई से खुलासे में हरिशंकर व्यास ने नियंताओं-सत्तावानों के इंटरव्यू, विश्लेषण और विचार लेखन के अलावा राष्ट्र, समाज, धर्म, आर्थिकी, यात्रा संस्मरण, कला, फिल्म, संगीत आदि पर जो लिखा है उनके संकलन में कई पुस्तकें जल्द प्रकाश्य। संवाद परिक्रमा फीचर एजेंसी, ‘जनसत्ता’, ‘कंप्यूटर संचार सूचना’, ‘राजनीति संवाद परिक्रमा’, ‘नया इंडिया’ समाचार पत्र-पत्रिकाओं में नींव से निर्माण में अहम भूमिका व लेखन-संपादन का चालीस साला कर्मयोग। इलेक्ट्रोनिक मीडिया में नब्बे के दशक की एटीएन, दूरदर्शन चैनलों पर ‘कारोबारनामा’, ढेरों डॉक्यूमेंटरी के बाद इंटरनेट पर हिंदी को स्थापित करने के लिए नब्बे के दशक में भारतीय भाषाओं के बहुभाषी ‘नेटजॉल.काम’ पोर्टल की परिकल्पना और लांच।

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