भारतीय किशोर अन्य देशों की तुलना में ज्यादा सक्रिय

संयुक्त राष्ट्र। बढ़ती तकनीकी व उससे बदलती दिनचर्या के प्रभाव से पूरी दुनिया पीड़ित है। तकनीकी इंसानों की लाइफ इतनी सुविधाजनक करते जा रहा है कि शारीरिक​ सक्रियता कम होते जा रहा है।  शारीरिक श्रम न करने की वजह से लोग कई बीमारियों की चपेट में भी आ रहे हैं। इसी समस्या पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक अध्ययन किया है।

जिसमें कहा गया है कि भारत के किशोर अन्य देशों के किशोरों की तुलना में अधिक सक्रिय हैं।  जबकि फिलीपीन में लड़के सबसे कम सक्रिय और दक्षिण कोरिया में लड़कियों के सबसे कम सक्रिय होने की दर ज्यादा है। किशोरों की सक्रियता के मामले में बांग्लादेश और अमेरिका का भी प्रदर्शन अच्छा है।

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अध्ययन के परिणाम में कहा गया है कि लड़कियों के घरेलू काम करने और लड़कों के क्रिकेट जैसे खेलों पर ध्यान केंद्रित करने के कारण वे शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हैं। डब्ल्यूएचओ ने 11 से 17 उम्र के छात्रों को लेकर अपनी तरह का पहला अध्ययन किया है।

उसने कहा कि विश्व भर में करीब 80 प्रतिशत किशोर प्रतिदिन 60 मिनट से भी कम समय के लिए कोई शारीरिक गतिविधि करते हैं। इस अध्ययन में 16 लाख बच्चों को शामिल किया गया है । वर्ष 2001 से 2016 के बीच किए गए अध्ययन के अनुसार चार देशों टोंगा, समोआ, अफगानिस्तान और जाम्बिया को छोड़कर 146 देशों में लड़कियां लड़कों से कम सक्रिय हैं।

डब्ल्यूएचओ ने सिफारिश की है कि लोगों को दिन में कम से कम एक घंटा कोई शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए। ‘द लैंसेट चाइल्ड एंड अडोलेसेंट हेल्थ’ पत्रिका में प्रकाशित डब्ल्यूएचओ के अनुसंधानकर्ताओं के अध्ययन में कहा गया है कि विश्वभर में 85 प्रतिशत लड़कियां और 78 प्रतिशत लड़के प्रतिदिन कम से कम एक घंटे शारीरिक सक्रियता की सिफारिश को पूरा करने में नाकाम हैं।

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अध्ययन की सहलेखिका लिएने रिले ने कहा कि 2001 से 2016 के बीच इस आयुवर्ग में शारीरिक सक्रियता के मामले में कोई बदलाव नहीं आया। अध्ययन के अनुसार भारत और बांग्लादेश में क्रिकेट जैसे खेलों के कारण बच्चे मैदान में जाते हैं। किशोरियों के मामले में भी बांग्लादेश और भारत का प्रदर्शन सबसे अच्छा देखा गया।

इसमें कहा गया, ‘‘हमारे अध्ययन के अनुसार दोनों देशों में किशोरियों के अपर्याप्त रूप से सक्रिय होने की दर सबसे कम रही। संभवत: इसका कारण सामाजिक कारक हैं, जैसे कि लड़कियों को गृह कार्यों में हाथ बंटाना होता है।’’

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