2019 में मोदी सरकार उखाड़ फैंकेगे: राहुल

मोहाली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि रोजगार और किसानों के जुड़े मुद्दों को मोदी सरकार द्वारा तरजीह न दिये जाने से देश में उसके प्रति आक्रोश है तथा पार्टी जनता के सहयोग से न केवल उसे विधानसभा चुनावों में पराजित करेगी बल्कि उसे 2019 के चुनावों में केंद्र से भी उखाड़ फैंकेगी। श्री गांधी ने यहां एसोसिएट्स जर्नल लिमिटेड(एजेएल) के हिंदी अखबार ‘नवजीवन‘ की पुन: प्रकाशन शुरू करने तथा राष्ट्रपति महात्मा गांधी की 15वहीं जयंती पर इसका विशेषांक निकालने के मौके पर अपने सम्बोधन में यह बात कही।

कांग्रेस अध्यक्ष ने श्री मोदी के साथ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर भी निशाना साधते हुये कहा कि ये दोनों यह समझते हैं जो उनके दिल और दिमाग में है वह सही है। देश में आक्रोश के पनपने की यह एक मुख्य वजह है। उन्होंने दावा किया कि देश में सभी संवैधानिक संस्थाओं पर आक्रमण हो रहा है। उच्चतम न्यायालय के जज काम नहीं करने देने, सेना के जनरल सेना का राजनीतिक इस्तेमाल करने और निर्वाचन आयोग उस पर पर दबाव डाले जाने का आरोप लगा रहे हैं। यहां तक कहा कि सरकार मंत्री और नेता भी इससे अछूते नहीं है उन्हें भी धमकाया जाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समेत विपक्षी दल देश की इन संस्थाओं पर इस आक्रमण के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं।

उन्होंने लोकतंत्र में प्रैस को ‘शेर‘ की संज्ञा देते हुये कहा कि इसमें बड़े से बड़े लोगों को उनकी जगह दिखाने की ताकत है। लेकिन अगर अखबार मालिकों को जब सरकार का प्रश्रय मिल जाता है तो ये अखबार केवल कागजी शेर बन कर रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि आज की प्रैस की भी यही स्थिति है। अखबारों के फ्रंट पृष्ठ से रोजगार, किसान, भ्रष्टाचार समेत देश और समाज की ज्वलंत समस्याएं गायब हैं। देश में मीडिया को डराया और उसकी आवाज को दबाया जा रहा है।

अखबारों में अब वही लिखा रहा है जो सरकार सुनना चाहती है। उन्होंने प्रैस की आजादी की वकालत करते हुये कहा कि ऐसे में समय में ‘नवजीवन‘ जैसे अखबारों की जरूरत है। उन्होंने पत्रकारों से देश की ज्वलंत समस्याओं पर स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता करने की भी अपील की।

इस अवसर पर मौजूद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि देश की आजादी में कांग्रेस का अहम योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि देश को इस समय संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा करने वाले तथा अपने लेखन और सच्चाई के साथ भी कोई समझौता नहीं करने वाले पत्रकारों की जरूरत है। ऐसी स्थिति में नवजीवन अखबार एक बड़ी ताकत बन सकता है। उन्होंने नवजीवन का पंजाबी संस्करण निकालने का भी एजेएल प्रबंधन से अनुरोध किया।

एजेएज के चेयरमैन श्री वोरा ने कहा कि जो काम बंदूक नहीं कर सकती वह बाम कलम कर सकती है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के खिलाफ देश की आजादी के संघर्ष में महात्मा गांधी ने इसी कलम को अपना हथियार बनाते हुये वर्ष 1919 में नवजीवन अखबार की शुरूआत की थी।

इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता आशा कुमारी, पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद सुनील जाखड़, पूर्व केंद्रीय मंत्री परनीत कौर, नवजीवन अखबार की संपादकीय सलाहकार मृनाल पांडे, संपादक जफर आगा तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। अस्वस्थता के कारण पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह इस समारोह में शामिल नहीं हो सके।

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