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अविश्वास प्रस्ताव अटका ही रहा!

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में पिछले 13 दिन से चल रहा गतिरोध 14वें दिन भी जारी रहा और लगातार पांचवें दिन सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं पेश हो सका। गुरुवार को भी संसद के दोनों सदनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष की कई पार्टियों के हंगामे के कारण गतिरोध कायम रहा। हंगामे के बीच ही राज्यसभा में ग्रेच्युटी से जुड़ा विधेयक पास किया गया, लेकिन लोकसभा में कोई कामकाज नहीं हो सका। हंगामे की वजह से सदन में व्यवस्था नहीं बन पाई, जिसके कारण अविश्वास प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ाया जा सका। 

संसद में गुरुवार को 14वें दिन भी गतिरोध कायम रहा और राज्यसभा की कार्यवाही बैठक शुरू होने के करीब 20 मिनट बाद ही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं लोकसभा की बैठक एक बार के स्थगन के बाद दोपहर करीब 12 बजे दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में हंगामे के कारण आगे की कार्यवाही नहीं हो सकी।

सुबह, लोकसभा की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, अन्ना डीएमके और टीआरएस के सदस्य नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के सामने पहुंच गए। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने प्रश्नकाल चलाने का प्रयास किया लेकिन हंगामा थमता नहीं देख उन्होंने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे बैठक फिर शुरू होने पर टीआरएस के सदस्य आसन के सामने आ गए। अन्ना डीएमके के सांसद भी आगे आकर कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग करने लगे।

इस बीच संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा- मैं सभी सदस्यों से निवेदन करता हूं कि वे अपने अपने स्थानों पर जाएं। सदन चलने दें। हम बैंकिंग समेत हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं। अविश्वास प्रस्ताव पर भी चर्चा के लिए तैयार हैं लेकिन सदन में व्यवस्था जरूरी है। हंगामे के बीच ही सुमित्रा महाजन ने जरूरी कागजात सदन के पटल पर रखवाए और सदन की बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया।

उधर राज्यसभा में भी विभिन्न मुद्दों पर हंगामा हुआ। इस वजह से उच्च सदन की बैठक शुरू होने के करीब बीस मिनट बाद ही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। हंगामे की वजह से सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाए। लेकिन सदन ने ग्रेच्यूटी भुगतान संशोधन विधेयक 2018 को बिना चर्चा के ही आम सहमति से पारित कर दिया। इससे पहले गुरुवार को सभापति वेंकैया नायडू ने सभी पार्टियों से मिल कर सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील भी की थी।

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