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सरकार को जीत का भरोसा!

नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार शुक्रवार को पहले अविश्वास प्रस्ताव का सामना करेगी। चार साल में पहली बार मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है, जिस पर शुक्रवार को चर्चा होगी और देर शाम वोटिंग होगी। चर्चा के लिए सात घंटे का समय तय किया गया है। चर्चा के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जवाब देंगे और उसके बाद वोटिंग होगी। शुक्रवार को चर्चा को लिए प्रशन काल और प्राइवेट मेंबर बिजनेस नहीं होगा। उससे पहले गुरुवार को सरकार और भाजपा दोनों ने जीत का भरोसा जताया है। साथ ही सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस की नेता सोनिया गांधी के दावे का मजाक भी उड़ाया है। 

भाजपा ने अपने सभी सांसदों को शुक्रवार को संसद में मौजूद रहने के लिए कहा है। अविश्वास प्रस्ताव की बहस में शामिल होने और वोटिंग तक मौजूद रहने के लिए पार्टी की ओर से व्हिप भी जारी किया गया है। पार्टी ने अपने गैरहाजिर होने वाले सांसदों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। हालांकि यह भी कहा गया है कि जो बीमार हैं और अस्पताल में भरती हैं उनको नहीं आने से छूट रहेगी। पिछले कुछ समय से लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध कर रहे पटना साहिब के सांसद शत्रुध्न सिन्हा ने भी सरकार के पक्ष में वोट करने का ऐलान किया है। 

भाजपा के संसदीय प्रबंधक और बड़े नेता दूसरी पार्टियों से भी बात कर रहे हैं। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने खुद शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से बात की। लोकसभा के मौजूदा गणित के हिसाब से बहुमत का आंकड़ा 268 सीटों का है, जबकि भाजपा के पास अकेले 273 सांसद हैं। एनडीए की दूसरी सहयोगी पार्टियों को मिला कर आंकड़ा 313 तक पहुंचता है। भाजपा का प्रयास साढ़े तीन सौ से ज्यादा वोट हासिल करने का है। इसके लिए कई छोटी पार्टियों से भी संपर्क किया गया है।

गुरुवार को सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस स्वीकार किए जाने के बाद सोनिया गांधी ने दावा किया था कि विपक्ष के पास संख्या बल है। इस दावे का मजाक उड़ाते हुए संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने शुक्रवार को इस अविश्वास प्रस्ताव के फेल होने का भरोसा जताया और कहा- सोनिया गांधी का गणित कमजोर है। 

अनंत कुमार ने 1999 की याद दिलाई जब उस समय की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के गिरने के बाद 272 सांसदों के समर्थन का दावा किया था, पर वे समर्थन साबित नहीं कर पाई थीं। इसी अंदाज में भाजपा महासचिव राम माधव ने भी उनका मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा कि लोकसभा के गणित के हिसाब से सरकार के पास सदन में प्रस्ताव को गिराने के लिए पर्याप्त आंकड़े हैं। साथ ही उन्होंने कहा- हो सकता है कि सोनिया गांधी कोई और गणित जानती हों। 
 

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