Loading... Please wait...

धरने पर हाई कोर्ट ने उठाया सवाल!

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के राजनिवास में पिछले आठ दिन से चल रहे धरने पर सोमवार को हाई कोर्ट ने सवाल उठाया। उच्च अदालत ने पूछा कि आखिर केजरीवाल को राजनिवास में धरने की अनुमति कैसे मिली, उन्हें किसने अधिकृत किया, वे कैसे वहां धरने पर बैठे हैं? अदालत ने हालांकि इस पर कोई अंतिम आदेश नहीं दिया, पर एक तरह से उनके धरने को गलत बताया। अदालत ने कहा कि हड़ताल या धरना किसी के दफ्तर या आवास के भीतर नहीं, बल्कि बाहर किया जाता है।

जस्टिस एके चावला और जस्टिस नवीन चावला की पीठ ने दो याचिकाओं पर सुनवाई की। एक याचिका केजरीवाल के प्रदर्शन के खिलाफ है, जबकि दूसरी दिल्ली प्रशासन के आईएएस अधिकारियों की कथित हड़ताल के खिलाफ है। दोनों मामलों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 जून की तारीख तय कर दी।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मंत्री गोपाल राय और सत्येंद्र जैन 11 जून की शाम को उप राज्यपाल दफ्तर में धरने पर बैठ गए थे। बाद में सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया ने भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। उन दोनों को तबियत खराब होने की वजह से अस्पताल में भरती कराया गया है। केजरीवाल और उनके मंत्रियों की मांग है कि आईएएस अधिकारियों को अपनी आंशिक हड़ताल खत्म करने और मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के निर्देश दिए जाएं।

इस बारे में याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सोमवार को हाई कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि केजरीवाल धरने पर हैं या हड़ताल पर। अदालत ने कहा अगर यह हड़ताल है तो यह दफ्तर के बाहर होनी चाहिए। आप किसी के दफ्तर या आवास के भीतर हड़ताल नहीं कर सकते। दिल्ली सरकार की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील सुधीर नंदराजोग ने पीठ के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि केजरीवाल और उनके कैबिनेट सहकर्मियों ने प्रदर्शन करने का फैसला निजी तौर पर लिया है और संविधान के तहत उन्हें ऐसा करने का अधिकार है।

दूसरी ओर केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि कोई भी आईएएस अधिकारी हड़ताल पर नहीं हैं। सरकार ने पीठ से केजरीवाल और अन्य को यह निर्देश देने का अनुरोध किया कि वे उप राज्यपाल अनिल बैजल का दफ्तर खाली करें। इस बीच दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंदर गुप्ता ने भी केजरीवाल के प्रदर्शन के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दी। भाजपा सांसद प्रवेश सिंह साहिब, आप के बागी विधायक कपिल मिश्रा और भाजपा विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा का नाम भी गुप्ता की याचिका में शामिल है।

202 Views

बताएं अपनी राय!

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।

© 2018 ANF Foundation
Maintained by Quantumsoftech