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महागठबंधन पर मोदी का हमला

मडगांव। कोलकाता में विपक्षी पार्टियों की एकजुटता के विशाल प्रदर्शन के बाद लगातार दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महागठबंधन को निशाना बनाया। उन्होंने शनिवार को सिलवासा में भाषण देते हुए महागठबंधन को चोरों और भ्रष्टाचारियों की जमात कहा था तो रविवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए महाराष्ट्र, गोवा के पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि महागठबंधन नामदारों, भ्रष्टाचार, अस्थिरता और नकारात्मकता का गठबंधन है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन दलों के पास धनशक्ति है जबकि भाजपा के पास जनशक्ति है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब सवर्णों को दस फीसदी आरक्षण देने के अपनी सरकार के फैसले की तारीफ की और कहा कि दस फीसद के सामान्य वर्ग कोटा को लागू करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में सीटें बढ़ाई जाएंगी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए महाराष्ट्र के कोल्हापुर, हटकाणांगले, मधा और सतारा व दक्षिण गोवा के लोकसभा क्षेत्रों के बूथ स्तर के भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने विपक्षी गठबंधन पर जम कर निशाना साधा।

गौरतलब है कि शनिवार को कोलकाता में ममता बनर्जी ने विपक्षी पार्टियों की एक बड़ी रैली का आयोजन किया था, जिसमें देश की करीब दो दर्जन भाजपा विरोधी पार्टियों के नेता शामिल हुए। विपक्ष के कुछ नेताओं ने ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका भी जताई थी। इस पर तंज करते हुए मोदी ने कहा कि विपक्ष को अघले चुनावों में हार नजर आ रही है। ऐसे में वह अपनी हार से पहले बहाना ढूंढ रहा है और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को बदनाम कर रहा है।

मोदी ने कहा- आपने जरुर देखा होगा कि मंच पर आसीन नेताओं में एक ने बोफोर्स घोटाले को याद किया। सच्चाई को छिपा कर नहीं रखा जा सकता। विपक्ष का महागठबंधन भ्रष्टाचार, नकारात्मकता और अस्थिरता का गठबंधन है। विपक्ष के पास धनशक्ति हैं, और हमारे पास जनशक्ति है। कोल्हापुर के मतदान केंद्र स्तर के एक कार्यकर्ता के सवाल का जवाब देते हुए मोदी ने कहा कि विपक्षी गठबंधन राजनीतिक दलों के साथ है जबकि हमारा गठबंधन 125 करोड़ भारतीयों के सपनों, उनकी उम्मीदों और आकांक्षाओं के साथ है।

प्रधानमंत्री मोदी ने आरोप लगाते हुए कहा - कोलकाता में जो मंच पर थे, वे या तो किसी बड़े व्यक्ति के बेटा या बेटी थे या फिर वे लोग थे जो अपने बेटे या बेटी को राजनीति में बड़ा बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को अपने दलों के अंदर लोकतंत्र पर विश्वास नहीं है, वे अब एक सार्वजनिक मंच से लोकतंत्र की चर्चा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों को किसी भी संस्थान पर विश्वास नहीं है और वे संवैधानिक प्राधिकारों को बदनाम करने में व्यस्त हैं।

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