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मोदी ने की कानून मंत्री से बात!

नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च न्यायपालिका में हुए अभूतपूर्व घटनाक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद से विचार विमर्श किया। बताया जा रहा है कि चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के कामकाज के खिलाफ चार सबसे वरिष्ठ जजों की प्रेस कांफ्रेंस के बाद प्रधानमंत्री ने कानून मंत्री को बुला कर बात की। यह भी कहा जा रहा है कि देश के शीर्ष कानूनी अधिकारी भी इस बैठक में मौजूद थे।

जानकार सूत्रों का कहना है कि सरकार इस घटनाक्रम पर अपना रुख सामने रखने से पहले चीफ जस्टिस का रुख जानना चाहती है। पहले कहा जा रहा था कि दोपहर में चीफ जस्टिस प्रेस कांफ्रेंस करेंगे, लेकिन उन्होंने देर शाम तक अपना पक्ष रखने की कोई पहल नहीं की है। सरकार और न्यायिक बिरादरी में इस बात का इंतजार हो रहा है कि चीफ जस्टिस इसके जवाब में क्या बातें कहते हैं।

बहरहाल, जानकार सूत्रों के अनुसार मोदी और रविशंकर प्रसाद ने चार जजों की प्रेस कांफ्रेंस में कॉलेजियम के दूसरे सबसे वरिष्ठ सदस्य जस्टिस जे चेलमेश्वर की ओर से उठाए गए बिंदुओं पर खासतौर पर विचार किया। दोनों नेताओं की इस बैठक में कानून अधिकारी भी मौजूद थे। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से न्यायपालिका के अंदर और न्यायपालिका और सरकार के बीच रस्साकशी चल रही है। कॉलेजियम के अधिकार से लेकर नियुक्ति के लिए मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर तय करने के मामले पर दोनों उलझे हैं।

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