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सिब्बल ने दी सफाई

लंदन। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने मंगलवार को सफाई दी। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों, ईवीएम की हैकिंग से जुड़े कथित साइबर विशेषज्ञ सैयद शुजा का दावा बहुत गंभीर है और इसकी जांच होनी चाहिए क्योंकि यह भारत में लोकतंत्र के भविष्य से संबंधित विषय है। उन्होंने लंदन में आयोजित हैकेथॉन में अपनी मौजूदगी को लेकर भाजपा की ओर से सवाल खड़े किए जाने पर कहा कि वे इस हैकेथॉन के आयोजक व पत्रकार आशीष रे के निमंत्रण पर व्यक्तिगत हैसियत से वहां पहुंचे थे।

इससे पहले केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि लंदन में हैकथॉन को कांग्रेस समर्पित लोगों ने आयोजित किया था और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल उसकी मॉनिटरिंग के लिए वहां गए थे। सिब्बल ने इसे खारिज करते हुए संवाददाताओं से कहा- जो आरोप शुजा ने लगाए हैं, उनकी जांच होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट और कानून कहता है कि एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। अगर कोई आरोप लगा रहा है तो यह पता करना जरूरी है कि आरोप सही हैं या नहीं। अगर आरोप गलत हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई करिए। अगर आरोप सही हैं तो यह बहुत गंभीर चीज है।

सिब्बल ने कहा- यह स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव का मुद्दा है। मुद्दा यह है कि क्या ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। यह भारत के लोकतंत्र के अस्तित्व से संबंधित मुद्दा भी है। गौरतलब है कि सैयद शुजा नाम के शख्स ने सोमवार को लंदन में स्काइप के जरिए प्रेस कांफ्रेंस किया और दावा किया कि 2014 के लोकसभा चुनाव में ईवीएम हैक की गई थीं। उसने कहा कि अपनी टीम के कुछ सदस्यों की हत्या किए जाने के बाद वह डरा हुआ महसूस कर रहा था इसलिए 2014 में भारत से भाग आया था।

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