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प्रधान न्यायाधीश पद पर गोगोई की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने देश के अगले प्रधान न्यायाधीश के पद पर न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका बुधवार को खारिज कर दी। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ की पीठ ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि इसमें हस्तक्षेप का यह समय नहीं है।’’ पीठ ने कहा कि याचिका में कोई दम नहीं है।

प्रधान न्यायाधीश पद पर न्यायमूर्ति गोगोई की नियुक्ति के खिलाफ दो अधिवक्ताओं आर पी लूथरा और सत्यवीर शर्मा ने याचिका दायर की थीं। इन अधिवक्ताओं ने अपनी याचिका में शीर्ष अदालत के चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर (अब सेवानिवृत्त), न्यायमूर्ति गोगोई, न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ की 12 जनवरी की प्रेस कांफ्रेंस को अपना आधार बनाया है।

याचिका में यह भी कहा गया था कि वे प्रधान न्यायाधीश को संबोधित एक बगैर तारीख वाले पत्र को भी आधार बना रहे हैं जिसे शीर्ष अदालत के चार न्यायाधीशों ने वितरित किया था। इस याचिका में न्यायमूर्ति गोगोई को देश का नया प्रधान न्यायाधीश नियुक्त करने संबंधी तीन सितंबर का राष्ट्रपति का आदेश निरस्त करने का अनुरोध किया गया था।

न्यायमूर्ति गोगोई असम से प्रधान न्यायाधीश बनने वाले पहले न्यायाधीश होंगे। वह प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के दो अक्तूबर को सेवानिवृत्त होने पर तीन अक्तूबर को प्रधान न्यायाधीश का पद ग्रहण करेंगे और वह 17 नवंबर, 2019 तक इस पद पर रहेंगे।

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