Loading... Please wait...

जज रिश्वत मामले की याचिका खारिज!

नई दिल्ली। जज रिश्वत मामले को लेकर विवादों में घिरी याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इस मामले की विशेष जांच दल, एसआईटी से जांच कराने की याचिका अधिवक्ता कामिनी जायसवाल ने दायर की थी, जिसे तीन जजों की बेंच ने मंगलवार को खारिज कर दिया। यह मामला मेडिकल कॉलेज दाखिला घोटाले का है, जिसमें सर्वोच्च अदालत के एक जज को कथित तौर पर रिश्वत देने और मनमाफिक आदेश लेने का प्रयास करने के आरोप लगे हैं।

जस्टिस आरके अग्रवाल की अध्यक्षता वाली तीन जजों पीठ ने सर्वोच्च अदालत की वकील कामिनी जायसवाल की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि यह याचिका अवमाननापूर्ण है लेकिन याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई आदेश जारी नहीं किया जा रहा है। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा- हम कानून से ऊपर नहीं हैं लेकिन निर्धारित प्रक्रिया का पालन अवश्य होना चाहिए। अदालत ने साफ कहा कि सीबीआई की एफआईआर किसी जज के खिलाफ नहीं है और किसी जज के खिलाफ इस तरह से एफआईआर दायर करना संभव भी नहीं है।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि वरिष्ठ वकील के असत्यापित और अप्रमाणित आरोपों के कारण अदालत की प्रतिष्ठा पर भी सवालिया निशान लगाया गया है। पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने तथ्यों की सत्यता जांचे बगैर चीफ जस्टिस के खिलाफ भी गैरजिम्मेदाराना आरोप लगाए। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ जज जस्टिस जे चेलामेश्वर ने याचिका पर विचार के लिए पांच जजों की एक संविधान पीठ बनाने का आदेश दिया था, लेकिन इसके अगले ही दिन चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने जस्टिस चेलामेश्वर के आदेश को निरस्त किया और तीन जजों की बेंच बनाई, जिसने मंगलवार को फैसला सुनाया।

जस्टिस आरके अग्रवाल, जस्टिस अरूण मिश्रा और जस्टिस एएम खानविलकर की पीठ ने मामले में एक जज को सुनवाई से हटाने के लिए प्रयास करने पर भी तीखी टिप्पणी की और कहा कि यह उचित नहीं है। जायसवाल ने वरिष्ठ वकील शांति भूषण और प्रशांत भूषण के जरिए इस मामले में जस्टिस खानविलकर के हटने की मांग की थी। खानविलकर ने खुद को मामले से हटाने से इनकार कर दिया था।

पीठ ने कहा कि इस तरह की याचिका दायर कर संस्थान को नुकसान पहुंचाया गया है और इसकी ईमानदारी पर अनावश्यक संदेह पैदा किया गया है। याचिका में दावा किया गया था कि मेडिकल कॉलेजों से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए कथित तौर पर रिश्‍वत लेने के आरोप लगाए गए थे। इसमें ओड़िशा हाई कोर्ट के रिटायर जज जस्टिस इशरत मसरूर कुदुशी भी आरोपी हैं।

102 Views

बताएं अपनी राय!

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।

© 2016 nayaindia digital pvt.ltd.
Maintained by Netleon Technologies Pvt Ltd