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चुनाव आयोग के खिलाफ ममता ने दिया धरना

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव प्रचार करने पर 24 घंटे की पाबंदी लगाने के चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ मंगलवार को कोलकाता में महात्मा गांधी की मूर्ति के आगे धरना दिया। ममता बनर्जी दोपहर 12 बजे धरना शुरू किया और तीन घंटे तक धरने पर बैठी रहीं। उनकी पार्टी ने बताया कि चुनाव आयोग की ओर से लगाई गई पाबंदी की सीमा रात आठ बजे खत्म हो गई, जिसके बाद उन्होंने दो चुनावी सभाओं को संबोधित किया। बरासात में चुनावी रैली में ममता ने केंद्र पर जम कर निशाना साधा और कहा कि भाजपा को हार दिख रही है इसलिए वह केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।

इस बीच ममता बनर्जी के धरने का समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने समर्थन किया। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रमुख अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए ट्विटर पर कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के चुनाव प्रचार पर रोक लगवाना दरअसल चुनाव हारती हुई भाजपा की हताशा का प्रतीक है। उन्होंने कहा- सपा ममता बनर्जी जी के धरने में सांकेतिक रूप से साथ है। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि श्मशान-कब्रिस्तान के धार्मिक बंटवारे के बयान देने वालों पर भी निष्पक्ष चुनाव आयोग कोई प्रतिबंध लगाएगा।

इससे पहले ममता पर लगे प्रतिबंधों पर शिवसेना ने भी हैरानी जताई थी। शिव सेना सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 24 घंटे तक प्रचार मुहिम से रोकने का फैसला भाजपा के कहने पर किया है। गौरतलब है कि चुनाव प्रचार पर 24 घंटे की पाबंदी के चुनाव आयोग के फैसले को असंवैधानिक बताते हुए ममता बनर्जी ने कोलकाता में धरने का ऐलान किया था।

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के एक कथित सांप्रदायिक बयान के आधार पर पाबंदी लगाई थी। आयोग ने सोमवार रात आठ बजे से मंगलवार रात आठ बजे तक उनके प्रचार पर पाबंदी लगाई थी। इसके विरोध में ममता ने दिन में धरना दिया। चुनाव आयोग ने केंद्रीय बलों पर दिए गए उनके बयान के लिए भी उनकी  निंदा की थी।

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