बंगाल में अस्थायी शिक्षकों की हड़ताल पर लोकसभा में भिड़ीं भाजपा-तृणमूल

नई दिल्ली। लोकसभा में शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में बेमियादी हड़ताल पर बैठे अस्थायी शिक्षकों का मुद्दा उठाया गया। इस दौरान भाजपा ने राज्य की मुख्यमंत्री को इस समस्या से निपटने में असफल बताया, जिसके बाद तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने आरोप को गलत बताते हुए जमकर हंगामा खड़ा किया। भारतीय जनता पार्टी की नेता और पश्चिम बंगाल के हुगली क्षेत्र से सांसद लॉकेट चटर्जी ने शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाया।

उन्होंने कहा कि 12 दिन हो चुके हैं, हड़ताल अभी भी जारी है, हड़ताल की वजह से एक अस्थायी शिक्षक की मौत भी हो गई है, जबकि कई हड़ताली अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने कहा, “उन छोटे बच्चों का क्या होगा, जब शिक्षक ही हड़ताल पर रहेंगे? शिक्षामंत्री इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं। न ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री इस मामले पर कुछ बोल रही हैं। अगर हड़ताल ऐसे ही जारी रहा तो कई शिक्षकों की जान जा सकती है। लॉकेट ने कहा, “पश्चिम बंगाल सरकार सारे शिक्षकों को मार डालेगी। हमें उनके लिए कुछ करना चाहिए। पश्चिम बंगाल में शिक्षा की यही स्थिति है। इस हड़ताल में बच्चे भी शामिल हैं।

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इसी दौरान तृणमूल सांसद अपनी-अपनी सीटों से उठकर आरोप को गलत बताने लगे। दोनों दलों के बीच करीब 10 मिनट तक बहस होती रही। लॉकेट ने जब अपना भाषण पूरा किया, तब अध्यक्ष ने अन्य सदस्यों को अपनी सीट पर जाने का अनुरोध किया। भाषण के दौरान ‘पश्चिम बंगाल सरकार हाय हाय’ के नारे लगते रहे। पश्चिम बंगाल के स्कूलों में कार्यरत अस्थायी शिक्षक पश्चिम बंगाल के शिक्षा विभाग की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके तहत राज्य में कार्यरत स्थायी शिक्षकों के मुकाबले कार्यरत शिक्षकों को कम तनख्वाह दी जाती है। पश्चिम बंगाल में पारा टीचर्स ऐक्य मंच के तत्वावधान में हजारों अस्थायी शिक्षक धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

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