भारी हंगामे में कृषि बिल पास

नई दिल्ली। विपक्षी पार्टियों के भारी हंगामे के बीच दो विवादित कृषि बिल उच्च सदन से पास हो गए। इससे पहले उप सभापति ने बिल पर वोटिंग की विपक्षी पार्टियों की मांग खारिज कर दी, जिसके बाद ध्वनि मत से बिल पास कराया गया। वोटिंग की मांग खारिज होने के बाद विपक्षी पार्टियों ने सदन में जम कर हंगामा किया, एक सदस्य ने डेस्क पर लगी माइक तोड़ी तो दूसरे सदस्य ने सदन के नियमों की पुस्तिका फाड़ी। इस हंगामे के बीच उप सभापति को सदन में मार्शल बुलाने लगे।

विपक्षी पार्टियों के सांसदों ने सदन में तानाशाही बंद करो के नारे भी लगाए। विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते एक बार 10 मिनट के लिए राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित भी करनी पड़ी। नारेबाजी कर रहे विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि सदन की कार्यवाही नियमों के खिलाफ हुई है। हंगामा करते हुए विपक्षी सदस्य सदन की वेल में पहुंच गए और उप सभापति का माइक छीनने की कोशिश की। कांग्रेस पार्टी ने इस बिल का विरोध करते हुए इसे किसानों के लिए डेथ वारंट बताया।

विपक्षी पार्टियों के सांसदों की मांग थी कि आगे की चर्चा के लिए विधेयकों को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए। दूसरी ओर सरकार ने जोर दिया कि ये बिल ऐतिहासिक हैं और किसानों के जीवन में बदलाव लाएंगे। इससे पहले ये दोनों बिल लोकसभा से पास हो चुके हैं और अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ये कानून बन जाएंगे। इससे पहले केंद्रीय कृषि मंत्री व किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने रविवार को फार्मर्स एंड प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फैसिलिटेशन) बिल 2020 और फार्मर्स (एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑन प्राइस एश्योरेंस एंड फार्म सर्विस बिल 2020 राज्यसभा में पेश किया था।

इन दोनों विधेयकों के मुद्दे पर भाजपा की की सहयोगी पार्टी शिरोमणि अकाली दल ने सीधे-सीधे सरकार को चेतावनी दी। पार्टी सांसद नरेश गुजराल ने बिल पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि बिल को पहले सेलेक्ट कमेटी में भेजा जाय, ताकि उसके हितधारकों का पक्ष जाना जा सके। गुजराल ने सरकार को चेतावनी दी कि किसानों को कमजोर समझने की भूल सरकार न करे।  तृणणूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने सरकार पर संसदीय लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया। ओडिशा की सत्तारूढ पार्टी बीजू जनता दल और तेलंगाना की सत्तारूढ पार्टी टीआरएस ने भी बिल का विरोध किया और इसे सेलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग की। आंध्र प्रदेश की सत्तारूढ वाईएसआर कांग्रेस ने बिल का समर्थन किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares