राष्ट्रपति के अभिभाषण पर आरोप-प्रत्यारोप

नई दिल्ली। कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों ने सोमवार को आरोप लगाया कि कुछ केंद्रीय मंत्री अपने ‘राजनीतिक आकाओं’ की मौन सहमति से भड़काऊ बयान देकर देश को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसे में विपक्षी पार्टियां देश और संविधान को बचाने की बात कर रही हैं।

वहीं, भाजपा ने कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों पर वोट बैंक की राजनीति करने और जनादेश का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि विपक्षी पार्टियां अनुच्छेद 370, 35ए, दिल्ली की अनधिकृत कालोनियों से जुड़ी समस्याएं खड़ी करती हैं जबकि मोदी सरकार इन समस्याओं का सामाधान निकालने के साथ नये एवं मजबूत भारत का निर्माण करने में लगी हुई है। संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस के गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि कुछ केंद्रीय मंत्री अपने ‘राजनीतिक आकाओं’ की मौन सहमति से भड़काऊ बयान देकर देश को बांटने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन देश में इस ‘नफरत की राजनीति’ की जगह ‘उम्मीद की राजनीति’ की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी, गरीबी, महंगाई, अशिक्षा जैसी विकराल चुनौतियों के बीच विभाजन करने वाले मुद्दे उठाये जा रहे हैं, ऐसे में विपक्षी पार्टियां देश और संविधान को बचाने की बात कर रही हैं।

चर्चा की शुरूआत करते हुए भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा कि हमारे देश का संविधान सर्वोपरि है, लेकिन यही संविधान लोगों के जनादेश को भी सर्वोपरि बताता है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सभी धर्म और प्रांतों की सरकार है और सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के आधार पर काम करती है। वर्मा ने कहा कि हमारी सरकार एक तरफ डिजिटल इंडिया को आगे बढ़ा रही है तो दूसरी तरफ कृषि एवं किसानों को मजबूत बना रही है। एक तरफ स्मार्ट शहर बना रही है तो दूसरी तरफ दिल्ली की अनधिकृत कालोनियों के लोगों को मालिकाना हक दे रही है। एक तरफ राम मंदिर की दिशा में पहल कर रही है तो दूसरी ओर गरीबों के घर में शौचालय बनाने, अल्पसंख्यकों के लिए हज कोटे में वृद्धि और हुनर हाट का काम कर रही है।

भाजपा सांसद ने कहा कि हमारी सरकार एक तरफ कल्याण योजनाओं को आगे बढ़ा रही है तो दूसरी तरफ देश को दुनिया की मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने में जुटी है। एक तरफ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति को सशक्त बना रहे हैं तो दूसरी तरफ समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को भी 10 प्रतिशत आरक्षण देने का काम कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares