सीएए से गांधी का सपना पूरा

नई दिल्ली।  संसद के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों की साझा बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने अभिभाषण में संशोधित नागरिकता कानून की जम कर तारीफ की। उन्होंने विपक्ष के हंगामे के बीच दावा किया कि यह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का सपना था, जिसे उनकी सरकार ने पूरा किया है। उन्होंने इसके खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों पर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि हिंसक प्रदर्शनों से लोकतंत्र कमजोर होता है। उन्होंने अपने अभिभाषण में यह भी कहा कि उनकी सरकार देश की अर्थव्यवस्था को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बजट सत्र के पहले दिन संसद के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में दोनों सदनों की साझा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि संसद ने नई सरकार बनने के बाद पहले सात महीनों में कई ऐतिहासिक कानून पारित कर रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस दशक को भारत का दशक बनाने के लिए मजबूत कदम उठा रही है। संशोधित नागरिकता कानून, सीएए पर देश में चल रहे प्रदर्शनों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा से लोकतंत्र कमजोर होता है।

उन्होंने कहा कि देश के लोग खुश हैं कि जम्मू कश्मीर, लद्दाख को सात दशक बाद देश के बाकी हिस्सों के बराबर अधिकार मिले हैं। कोविंद ने संशोधित नागरिकता कानून को ऐतिहासिक करार देते हुए इसकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि इसने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी सहित देश के निर्माताओं के सपनों को पूरा किया है। राष्ट्रपति ने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि जो लोग पाकिस्तान में नहीं रह सकते, वे भारत आ सकते हैं। संसद ने नागरिकता संशोधन कानून बना कर उनके विचारों का सम्मान किया है। हालांकि इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने हंगामा करते हुए इसका कड़ा विरोध किया।

राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार देश की अर्थव्यवस्था को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। राष्ट्रपति ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हो रहे कथित अत्याचारों की आलोचना की और विश्व समुदाय से इस संबंध में जरूरी कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान वैसा ही है जैसा कि पहले था।

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