केंद्र पुलिसकर्मियों के समग्र विकास को प्रतिबद्ध : शाह - Naya India
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केंद्र पुलिसकर्मियों के समग्र विकास को प्रतिबद्ध : शाह

नई दिल्ली। पुलिसकर्मियों को देश का मूक प्रहरी बताते हुए और उनकी काम करने की मुश्किल परिस्थितियों को समझते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार दिए गए समय में पुलिसकर्मियों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। यहां पुलिस स्थापना दिवस पर शाह ने कहा कि भारत में सुरक्षा बलों की संख्या बहुत कम है और जहां एक लाख की जनसंख्या पर 222 पुलिसकर्मी होने चाहिए, वहीं यह आंकड़ा सिर्फ 144 तक सिमटा है।

भारत उन्होंने कहा, “इस कमी के कारण ज्यादातर पुलिसकर्मियों को देर तक काम करना पड़ता है और वे साप्ताहित अवकाश नहीं ले पाते।पुलिसकर्मियों के काम करने की मुश्किल परिस्थितियों को स्वीकार करते हुए शाह ने कहा, “मोदी सरकार पुलिसकर्मियों के समग्र कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। घर और काम करने के वातावरण से लेकर स्वास्थ्य और शिक्षा तक, और ये सुविधाएं उन्हें नियत समय के अंदर प्रदान की जाएंगी। गृहमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मी सीमाओं की रक्षा से लेकर यातायात प्रबंधन और अवैध नशीले पदार्थो की तस्करी से लेकर आतंकवाद के खिलाफ तक हर क्षेत्र में काम कर राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि विकास का अंतिम लक्ष्य तभी प्राप्त हो सकता है, जब कानून व्यवस्था सुदृढ़ हो और शांति कायम हो और पुलिस ने इसे सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

शाह ने कहा कि आज तक ड्यूटी पर 34844 पुलिसकर्मियों ने अपना जीवन कुर्बान किया है। उन्होंने कहा कि सोमवार को शहीदों की सूची में 292 नाम जोड़े जा रहे हैं। शाह ने ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को नेशनल पुलिस मेमोरियल में श्रद्धांजलि अर्पित की।
लोगों को पुलिस स्थापना दिवस की शुरुआत की याद दिलाते हुए उन्होंने बेटल ऑफ हॉट स्प्रिंग और उसमें शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के कर्मियों की वीरता को याद किया।

उन्होंने कहा, “साल 1959 में इसी दिन सीआरपीएफ ने बर्फ से ढंके हुए दुर्गम इलाके में वीरता और बलिदान की एक इबारत लिखी थी। सीआरपीएफ और इंटेलीजेंस ब्यूरो के कर्मियों का एक गश्ती दल लापता हुए एक टोही दल को तलाश करने गया था जहां उन पर घात लगाकर बैठे चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिकों ने हमला कर दिया। अचानक हुए हमले और सामरिक रूप से दुर्गम स्थान होने के बावजूद बड़ी संख्या में मौजूद चीनी सैनिकों के खिलाफ उन्होंने बहादुरी से मुकाबला किया। इसमें देश की रक्षा करते हुए सीआरपीएफ के 10 कर्मी शहीद हो गए थे। उन्होंने कहा, “इसके बाद से देश के लिए बलिदान देने वाले प्रत्येक सैनिक के बलिदान के सम्मान में प्रत्येक साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्थापना दिवस मनाया जाने लगा।”

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