• डाउनलोड ऐप
Thursday, May 13, 2021
No menu items!
spot_img

कहां विदेशी मदद? सरकार की सफाई

Must Read

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए भारत सरकार को पूरी दुनिया से मदद मिल रही है। दुनिया के छोटे से लेकर बड़े देश सब भारत को मदद भेज रहे हैं। लेकिन खबर है कि दुनिया भर से आ रही मदद का एक बड़ा हिस्सा हवाईअड्डों पर लालफीताशाही की वजह से अटका हुआ है। इन आरोपों पर केंद्र सरकार ने मंगलवार को सफाई दी। सरकार ने विदेश से आ रही मदद के आवंटन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी और साथ ही यह भी कहा कि कस्टम में कोई विदेशी मदद नहीं अटकी हुई है।

इससे पहले दुनिया भर से मिल रही मेडिकल मदद के आवंटन में पारदर्शिता की कमी और लालफीताशाही का आरोप लगाया था। यहां तक कि अमेरिका में व्‍हाइट हाउस की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान भी इस बारे में सवाल उठे थे। दिल्‍ली हाईकोर्ट में भी सोमवार को इस मसले का जिक्र हुआ था। एक अस्‍पताल ने दावा किया था कि करीब तीन हजार ऑक्‍सीजन कंसट्रेटर की बेहद जरूरत है लेकिन यह कस्‍टम विभाग के पास है। हालांकि केंद्र सरकार ने कोविड-19 से जुड़ी सामग्री के क्‍लीयरेंस में किसी भी देरी से इनकार किया है।

दूसरी ओर जानकार सूत्रों का कहना है कि दुनिया भर के देशों से डेढ़ दर्जन से ज्यादा फ्लाइट मदद लेकर भारत आई है। इनमें एक हजार के करीब ऑक्‍सीजन सिलेंडर, डेढ़ हजार से ज्यादा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स, एक हजार से ज्यादा वेंटीलेटर्स और जरूरी दवाएं हैं लेकिन बड़ी संख्‍या में चिकित्सा उपरकण और रेमडेसिविर जैसी दवा कस्‍टम विभाग में अटके हैं। कहा जा रहा है कि नियमों की वजह से ये सामान अटके हैं। हालांकि सरकार कहना है कि विदेशी मदद के मामले में विदेश मंत्रालय नोडल एजेंसी है। इसके साथ ही स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने विदेश से आने वाली कोविड राहत सामग्री, अनुदान, मदद और दान की प्राप्ति और आवंटन के लिए एक सेल बनाया है। सरकार ने यह भी कहा कि कस्टम विभाग प्राथमिकता के आधार पर इन सामानों की क्लीयरेंस दे रहा है।

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest News

सुशील मोदी की मंत्री बनने की बेचैनी

बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी को जब इस बार राज्य सरकार में जगह नहीं मिली और पार्टी...

More Articles Like This