दिल्ली दंगा मामले में आरोपपत्र दाखिल

नई दिल्ली। इस साल के शुरू में उत्तरी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों के मामले में दिल्ली पुलिस ने एक भारी भरकम आरोपपत्र दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत में पेश कर दिया है। दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा की ओर से दाखिल किए गए आरोपपत्र में 15 आरोपियों के खिलाफ विस्तार से सबूत पेश किए गए हैं। इसके मुताबिक, व्हाट्सऐप ग्रुप और चैट के जरिए हिंसा फैलाने की साजिश रची गई थी।

आरोपपत्र में सबूत के तौर पर 24 फरवरी के व्हाट्सऐप चैट को भी शामिल किया गया है। इसी दिन दंगे भड़के थे। आरोपपत्र में बताया गया है कि मुख्य साजिशकर्ता प्रदर्शन करने वालों को व्हाट्सऐप चैट के जरिए निर्देश दे रहे थे। हर जगह दंगा फैलाने के लिए 25 व्हाट्सऐप ग्रुप बनाए गए थे। पुलिस ने कहा है कि उसने हर ग्रुप और इसकी भूमिका की पहचान कर ली है। आरोपपक्ष में उमर खालिद और शरजील इमाम के नाम नहीं हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों को हाल ही में गिरफ्तार किया गया था, ऐसे में उनके नामों को पूरक आरोपपत्र में शामिल किया जाएगा।

आरोपपत्र में आम आदमी पार्टी से निलंबित नेता ताहिर हुसैन, पिंजरा तोड़ संगठन की कार्यकर्ता देवांगना कलिता और नताशा नरवाल, पीएफआई नेता परवेज अहमद और मोहम्मद इलियास, कार्यकर्ता सैफी खालिद, पूर्व वकील इशरत जहां, जामिया के छात्र आसिफ इकबाल, मीरन हैदर और सफूरा जरगर, शादाब अहमद और तस्लीम अहमद के नाम शामिल हैं। सभी को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून, यूएपीए और आईपीसी व आर्म्स एक्ट के तहत आरोपी बनाया गया है। गौरतलब है कि संशोधित नागरिकता कानून, सीएए के विरोध-प्रदर्शनों के बीच उत्तर पूर्वी दिल्ली में 24 फरवरी को दंगे भड़के थे। इसमें 53 लोगों की मौत हो गई थी और दो सौ से ज्यादा लोग जख्मी हो गए थे।

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