तो फड़नवीस ने किया फंड ट्रांसफर!

बेंगलुरू। अपने विवादित बयानों के लिए मशहूर रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के सांसद अनंत हेगड़े ने अपनी पार्टी और सरकार दोनों को मुश्किल में डाल दिया है। हेगड़े ने दावा किया कि उनकी पार्टी के देवेंद्र फड़नवीस को एक योजना के तहत 80 घंटे का मुख्यमंत्री बनवाया था। हेगड़े ने खुलासा करते हुए कहा है कि भाजपा आलाकमान को लग रहा था कि महाराष्ट्र में बनने वाली नई सरकार के राज्य के 40 हजार करोड़ रुपए के फंड का दुरुपयोग कर सकती है। इसलिए फड़नवीस को आनन-फानन में शपथ दिलाई गई और उन्होंने वह पैसा वापस केंद्र के फंड में ट्रांसफर कर दिया।

असल में पिछले कुछ दिन से व्हाट्सएप में इस तरह की बातें चल रही थीं, जिनमें इस तर्क से फड़नवीस के अजित पवार से मिल कर सरकार बनाने को सही ठहराया जा रहा था। उसी व्हाट्सएप के प्रचार से प्रभावित होकर हेगड़े ने महाराष्ट्र में भाजपा के सरकार बनाने को ‘नाटक’ बताया और इस मामले में एक नया दिलचस्प मोड़ देने की कोशिश की। लेकिन इस बयान से उन्होंने पार्टी आलकमान को भी मुश्किल में डाल दिया है।

हेगड़े ने मुख्यमंत्री के तौर पर फड़नवीस के दूसरी बार शपथ लेने के महज 80 घंटों बाद इस्तीफा देने को ‘नाटक’ बताते हुए कहा कि यह इसलिए किया गया कि विकास कार्यों के लिए दिए गए फंड की ‘रक्षा’ की जा सके। हेगड़े ने कहा- आप सभी जानते हैं कि महाराष्ट्र में हाल ही में महज 80 घंटों के लिए हमारा आदमी मुख्यमंत्री था लेकिन जल्दी ही फड़नवीस ने इस्तीफा दे दिया। हमने यह नाटक क्यों किया? क्या हम नहीं जानते थे कि हमारे पास बहुमत नहीं है, वह क्यों मुख्यमंत्री बने? यह आम सवाल है जो हर कोई पूछ रहा है।

उत्तर कन्नड़ जिले में येल्लापुर में उपचुनाव के लिए प्रचार अभियान के दौरान शनिवार को एक सभा में उन्होंने कहा- मुख्यमंत्री के नियंत्रण में 40 हजार करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि थी। अगर एनसीप, कांग्रेस और शिव सेना सत्ता में आती तो निश्चित तौर पर 40 हजार करोड़ रुपए का इस्तेमाल विकास कार्य के लिए नहीं किया जाता और इसका दुरुपयोग किया जाता। हेगड़े ने कन्नड़ भाषा में कहा- यह पहले ही तय था। जब हमें पता चला कि तीनों पार्टियां सरकार बना रही हैं तो यह नाटक रचने का फैसला किया गया। इसलिए बंदोबस्त किया गया और फड़नवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई, जिसके बाद 15 घंटों के भीतर फड़नवीस ने पैसे को वहीं पहुंचा दिया, जहां उसे जाना चाहिए था और उसे बचा लिया। उन्होंने कहा- पूरा पैसा केंद्र सरकार को वापस दे दिया गया वर्ना गले मुख्यमंत्री ने, आप जानते हैं कि क्या किया होता।

शिव सेना, कांग्रेस ने मांगा जवाब

भाजपा के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े के ताजा बयान पर शिव सेना और कांग्रेस ने भाजपा से जवाब मांगा है। शिव सेना ने कहा है कि हेगड़े ने जो बात कही है अगर वह सही है तो प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। शिव सेना ने कहा है कि अगर पैसा वापस किया गया है तो यह महाराष्ट्र के लोगों के साथ अन्याय है। कांग्रेस ने भी प्रधानमंत्री से जवाब देने की मांग करते हुए कहा है कि इससे भाजपा की पोल खुल गई है।

कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने ट्विट कर कहा- एक पूर्व केंद्रीय मंत्री ने खोली मोदी सरकार की पोल, भाजपा का महाराष्ट्र विरोधी चेहरा बेनक़ाब हुआ। उन्होंने सवाल किया- क्या संघीय ढांचे को पांव तले रौंद दिया गया? क्या जनता और किसान की भलाई के काम आने वाला 40 हजार करोड़ रुपया एक साजिश के तहत वापस ले लिया गया? उन्होंने लिखा-प्रधानमंत्री जबाब दें।

गौरतलब है कि अनंत कुमार हेगड़े ने कथित तौर पर दावा किया है कि उनकी पार्टी के देवेंद्र फड़नवीस को, मुख्यमंत्री के नियंत्रण वाली 40 हजार करोड़ रुपए की केंद्रीय निधि का दुरुपयोग होने से बचाने के लिए बहुमत न होने के बावजूद पिछले महीने महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाया गया। हेगड़े ने मुख्यमंत्री के तौर पर फड़नवीस के दूसरी बार शपथ लेने के महज 80 घंटे बाद इस्तीफा देने के घटनाक्रम को नाटक बताते हुए कहा कि यह इसलिए किया गया ताकि विकास कार्यों के लिए दी गई निधि की रक्षा की जा सके।

भाजपा ने लगाई हेगड़े को फटकार

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के सांसद अनंत कुमार हेगड़े के कर्नाटक में हो रहे उपचुनाव में दिए भाषण को लेकर बवाल मचा है। उनके बयान से भाजपा शर्मिंदा हुई है और तभी बताया जा रह है कि हेगड़े को पार्टी की ओर से फटकार लगाई गई है। जानकार सूत्रों के मुताबिक पार्टी की ओर से कहा गया है कि वे इस तरह के बेतुके बयान देने से बचें। इस बीच उधर मुंबई में पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फड़नवीस ने भी हेगड़े के बयान को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि 80 घंटे के लिए मुख्यमंत्री रहते उन्होंने कोई नीतिगत फैसला नहीं किया था। फड़नवीस ने यह भी कहा है कि इस तरह के आरोप बेबुनियाद हैं।

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