10 राज्यों में बढ़ते एक्टिव केस

नई दिल्ली। देश के ज्यादातर हिस्सों में कोरोना वायरस के एक्टिव केसेज में कमी आ रही है पर 10 राज्य ऐसे हैं, जहां अब भी एक्टिव केसेज की संख्या बढ़ रही है। इनमें पश्चिम बंगाल सहित पूर्वोत्तर के कई राज्य हैं, जहां अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में कोरोना का विस्फोट हो सकता है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था कि दिल्ली में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का पीक आकर गुजर गया है लेकिन दिल्ली में फिर से एक्टिव केसेज में बढ़ोतरी हो रही है। बहरहाल, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के अलावा अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मिजोरम, मणिपुर, हरियाणा, केरल, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ में एक्टिव केसेज बढ़ रहे हैं।

इन 10 राज्यों के अलावा बाकी 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक्टिव केसेज घट रहे हैं। इस बीच शनिवार को देर रात तक देश भर में 57 हजार 832 संक्रमित मिले, जिसके बाद संक्रमितों की कुल संख्या 74 लाख 86 हजार 665 पहुंच गई। पूरे देश में 651 लोगों की मौत हुई, जिसके बाद मरने वालों की कुल संख्या एक लाख 13 हजार 684 हो गई। देर रात तक असम, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड सहित कुछ राज्यों के आंकड़े अपडेट नहीं हुए थे। इनके आंकड़े आने के बाद संक्रमितों और मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। सबसे ज्यादा संक्रमित महाराष्ट्र में शनिवार को 10,265 नए केसेज मिले, जिसके बाद संक्रमितों की संख्या 15 लाख 86 हजार 321 हो गई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार को 3,259 नए मामले आए, जिसके बाद संक्रमित की संख्या तीन लाख 27 हजार 718 पहुंच गई।

दक्षिण के राज्यों में अब सबसे तेजी से कर्नाटक में मामले बढ़ रहे हैं। राज्य में शनिवार को 7,184 नए मामले आए, जिसके बाद संक्रमितों की संख्या सात लाख 58 हजार 574 हो गई। इसी तरह केरल में भी संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। केरल में शनिवार को 9,016 नए संक्रमित मिले, जिसके बाद संक्रमितों की कुल संख्या तीन लाख 34 हजार 229 हो गई। आंध्र प्रदेश में शनिवार को 3,676 नए संक्रमित मिले, जिसके बाद संक्रमितों की कुल संख्या सात लाख 79 हजार 146 हो गई। देश के तीसरे सबसे संक्रमित तमिलनाडु में शनिवार को 4,295 नए मामले आए, जिसके बाद संक्रमितों की संख्या छह लाख 83 हजार 486 हो गई है।

उत्तर प्रदेश में 2,725 नए मामले आए, जिसके बाद संक्रमितों की संख्या चार लाख 52 हजार 660 हो गई। ओड़िशा में शनिवार को 2,196 नए मामले आए और बिहार में 1,173 नए संक्रमित मिले। राजस्थान में 1,992 नए मामले आए, जिसके बाद संक्रमितों की संख्या बढ़ कर एक लाख 71 हजार 281 हो गई। ये आंकड़े कोविड19इंडिया डॉट ओआरजी के आंकड़ों पर आधारित हैं। भारत सरकार के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक शनिवार की देर शाम तक कुल संक्रमितों की संख्या 74 लाख 32 हजार 680 थी, जिसमें से एक लाख 12 हजार 998 लोगों की मौत हो चुकी है।

टीकाकरण पर हुई बैठक

कोरोना वायरस को रोकने वाली वैक्सीन अभी तैयार नहीं हुई है। वैक्सीन तैयार होने से पहले दुनिया के विकसित देशों की तरह भारत ने वैक्सीन खरीद का किसी कंपनी के साथ सौदा भी नहीं किया है पर टीका लगवाने की चौकस व्यवस्था की जाने लगी है। शनिवार को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस की स्थिति और टीका लगाने की व्यवस्था की एक उच्चस्तरीय बैठक में समीक्षा की। उन्होंने इस बैठक में वैक्सीन के वितरण और उसकी आपूर्ति के बारे में जानकारी ली।

प्रधानमंत्री ने टीका तैयार हो जाने पर तेजी से टीकाकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मोदी ने पंचायत से लेकर केंद्र सरकार और सभी नागरिक समूहों को शामिल करते हुए टीकाकरण की व्यवस्था चुनाव की तर्ज पर दुरुस्त रखने को कहा। यानी जिस तरह से मतदान की व्यवस्था होती है वैसी पुख्ता व्यवस्था टीकाकरण की करनी है। बहरहाल, बैठक में प्रधानमंत्री ने लोगों से त्योहारी मौसम में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, साफ-सफाई रखने और संयम का पालन करते रहने की अपील की।

इस बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, नीति आयोग के सदस्य, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, वरिष्ठ वैज्ञानिक, प्रधानमंत्री कार्यालय और अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे। अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को बताया कि देश में तीन अग्रणी वैक्सीन कार्यक्रम चल रहे हैं,  जिसमें दो दूसरे चरण में हैं और एक वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है।

कोविड-19 के वैक्सीन कार्यक्रम से जुड़े राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह ने टीके के भंडारण, वितरण और प्रबंधन का ब्लू प्रिंट भी इस बैठक में रखा। विशेषज्ञ समूह राज्यों के साथ विचार-विमर्श कर रहा है कि टीका तैयार होने के बाद किसे प्राथमिकता दी जाए। प्रधानमंत्री मोदी ने वैक्सीन के पूरे देश में तेजी से वितरण के तौर-तरीके विकसित करने पर जोर दिया। इससे पहले खबर आई थी सरकार 30 करोड़ ऐसे लोगों की पहचान कर रही है, जिनको वैक्सीन पहले लगाया जाएगा।

रूसी वैक्सीन के परीक्षण को मंजूरी

आखिरकार रूसी वैक्सीन स्पूतनिक वी के भारत में परीक्षण की मंजूरी मिल गई। इस वैक्सीन के लिए रूस की कंपनी के साथ डॉ. रेड्डीज लैब ने करार किया। भारत सरकार की ओर से डॉ. रेड्डीज और रसियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड, आरडीआईएफ को भारत में कोरोना वायरस को रोकने के लिए तैयार की गई वैक्सीन स्पूतनिक वी के ट्रायल को मंजूरी दे दी गई है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया, डीजीसीआई ने परीक्षण की अनुमति दी है।

स्पूतनिक वी वैक्सीन की मार्केटिंग करने वाली रूसी संस्था आरडीआईएफ और डॉ रेड्डीज लैब लिमिटेड ने पिछले महीने भारत में इस वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल और वितरण को लेकर समझौते का ऐलान किया था। उसके बाद अब इसके बड़े पैमाने पर दूसरे और तीसरे चरण के ट्रायल को मंजूरी दे दी गई है। जल्दी ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन, सीडीएससीओ ने डॉ. रेड्डीज लैब के उस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिसमें रूसी वैक्सीन का असर जानने के लिए देश में बड़े पैमाने पर ट्रायल की मांग की गई थी।

गौरतलब है कि कोरोना वैक्सीन के टीके को लेकर दुनिया के कुछ प्रमुख देश काम कर रहे हैं। इसी में रूस की स्पूतनिक वी को काफी कारगर पाया गया है, अब भारत में भी इसका ट्रायल किए जाने को मंजूरी दे दी गई है। डॉ रेड्डीज लैब और आरडीआईएफ की ओर से जारी एक साझा बयान में कहा गया है कि यह परीक्षण कई केंद्रों पर होगा और इस पर नियंत्रित अध्ययन किया जाएगा, जिसमें सुरक्षा और प्रतिरक्षात्मक दोनों तरह के अध्ययन शामिल होंगे।

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