मामले बढ़े और शुरू चिंता

नई दिल्ली। प्रदेशों के मुख्यमंत्री से ले कर सुप्रीम कोर्ट वापिस कोरोना वायरस की चिंता मे लौटे है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिशबंर में वायरस की सुनामी की आशंका जताई है। महाराष्ट्र सरकार ने घोषणा की है कि एनसीआर दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और गोवा के हवाई अड्डों से यात्रा करने वाले सभी घरेलू यात्रियों को उड़ान से पहले आरटी-पीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट लेकर रखना होगा और उन्हें महाराष्ट्र के हवाई अड्डे पर उतरने पर निरीक्षण टीमों को दिखाना होगा। राज्य सरकार के एक आदेश में कहा गया, ‘‘बिना लक्षणों वाले यात्रियों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। लक्षणों वाले यात्रियों के पास वापस लौटने और अपने घर जाने का विकल्प होगा।

उधर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में ठीक से इलाज नहीं होने और अस्पतालों में कोरोना के मरीजों के शवों के साथ ठीक से व्यवहार नहीं किए जाने पर खुद नोटिस लिया है।

देश में तेजी से बढ़ते कोरोना मामलों से भारत में कुल संक्रमितों की संख्या अब 92 लाख के करीब पहुंचने वाली है। पिछले कुछ दिनों से 45 हजार से अधिक नये मामले रोज सामने आये हैं।   उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोविड—19 से और 23 लोगों की मौत हुई है जबकि 2067 नये मरीजों में इस संक्रमण की पुष्टि हुई है। राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के सोमवार को 3,232 नये मामले सामने आये हैं। इससे अब तक राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या 2,47,168 हो गई है। वहीं राज्य में संक्रमण से 18 और लोगों की मौत हो गई जिससे राज्य में संक्रमण से कुल मरने वालों का आंकड़ा 2,181 तक पहुंच गया। बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पिछले 24 घंटे के दौरान छह लोगों की मौत होने के साथ ही महामारी से मरने वालों की संख्या सोमवार को 1,227 पहुंची।

ओडिशा में कोरोना वायरस संक्रमण के 668 नए मामले सामने आए तथा कोविड-19 से 17 और मरीजों की मौत हो गई। इसके बाद संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 3,14,629 हो गए और महामारी से मरने वालों की संख्या 1,657 पर पहुंच गई। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से ट्वीट किया गया, “दुखद सूचना है कि कोविड-19 के 17 मरीजों की अस्पताल में मौत हो गई है।”

उत्तराखंड में सोमवार को कोविड-19 के 376 नए मामले आए हैं वहीं संक्रमण से सात लोगों की मौत हुई है। यहां प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, 376 नए मरीजों के मिलने के साथ ही प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढकर 71,632 हो गयी है। झारखंड में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण से और पांच लोगों की मौत होने के साथ ही राज्य में महामारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 951 हो गयी है।

दिसंबर में बदतर हो सकते हैं हालात

कोविड -19 रोगियों के समुचित उपचार और अस्पतालों में कोरोना रोगियों के शवों के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में कोरोना (के हालात पर चिंता जताई। जस्टिस अशोक भूषण ने कहा कि दिल्ली में हालात बदतर हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और असम में तेजी से मौजूदा समय बढ़ रहे कोविड मामलों के प्रबंधन, मरीजों को सुविधा समेत अन्य व्यवस्थाओं पर स्टेटस रिपोर्ट दो दिन में मांगी है।

दिल्ली सरकार ने अदालत में कहा कि कोरोना से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। ASG संजय जैन ने कहा कि बड़े स्तर पर निजी अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए 80 प्रतिशत आईसीयू बेड आरक्षित हैं। हमने सभी निर्देशों का पालन किया है। जवाब में कोर्ट ने कहा अच्छी बात है, लेकिन मौजूदा हालात पर आप क्या कहेंगे। वकील ने कहा कि हमने अस्पतालों और क्वारंटाइन सेंटर बनाए हैं। कोर्ट ने कहा कि आप इस मुद्दे पर स्पष्ट स्टेटस रिपोर्ट मौजूदा हालात के हिसाब से दाखिल करें।

जस्टिस एम आर शाह ने कहा कि दिल्ली और महाराष्ट्र के बाद गुजरात में हालात सबसे खराब हैं। आपकी नीति क्या है? क्या हो रहा है? यह सब क्या है? अदालत ने कहा कि चार राज्यों में हालात बहुत खराब हैं। लापरवाही के चलते कोविड महामारी बढ़ रही है। अगली सुनवाई शुक्रवार 27 नवंबर को होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार पर टेस्टिंग को लेकर उठाए सवाल हैं। कोर्ट ने कहा कि चेन्नई और मुंबई के मुकाबले मामले बढ़े हैं। कोर्ट ने पूछा कि टेस्टिंग एक दिन में 7000 से 5000 तक कम क्यों हो गई है? जबकि मुंबई और चेन्नई में यह टेस्टिंग 15 हजार से 17 हजार हो गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने कोविड -19 रोगियों के समुचित उपचार और अस्पतालों में कोरोना रोगियों के शवों के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार को लेकर स्वत: संज्ञान लिया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे ने मामले की सुनवाई जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एम आर शाह की पीठ को सौंपी है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि शवों के साथ अनुचित व्यवहार हो रहा है। कुछ शव कूड़े में मिल रहे हैं। लोगों के साथ जानवरों से भी बदतर व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मीडिया ने इस तरह की रिपोर्ट दिखाई हैं। कोर्ट ने इस मामले पर दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि दिल्ली और उसके अस्पतालों में बहुत अफसोसजनक स्थिति है।

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