एक करोड़ से ज्यादा हुए टेस्ट

नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस के संक्रमितों की पुष्टि के लिए होने वाली जांच की संख्या एक करोड़ से ऊपर पहुंच गई है। भारत में संक्रमितों की संख्या सात लाख से ऊपर जाने के बीच बताया गया है कि अब तक देश में एक करोड़ से ज्यादा नमूनों की जांच हो गई है। इंडियन कौंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च, आईसीएमआर के एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अब औसतन हर दिन दो लाख के करीब सैंपल्स की जांच की जा रही है।

इस बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में संक्रमितों की संख्या एक लाख से ज्यादा हो गई और देश में कुल संक्रमितों की संख्या सात लाख से ऊपर पहुंच गई। संक्रमण से मरने वालों की संख्या 20 हजार पहुंच गई है। भारत में अब औसतन 23-24 हजार नए केसेज आ रहे हैं। बहरहाल, आईसीएमआर के वैज्ञानिक और मीडिया समन्वयक डॉ. लोकेश शर्मा ने कहा- छह जुलाई सुबह 11 बजे तक कुल एक करोड़ चार हजार से कुछ ज्यादा लोगों की कोरोना वायरस की जांच की गई है। उन्होंने बताया कि पांच जुलाई को 1,80,596 लोगों की जांच की गई।

लोकेश शर्मा ने कहा कि देश में कोरोना वायरस के नमूनों की जांच के लिए अब कुल 1,105 लैब्स हैं, जिनमें 788 सरकार हैं और 317 निजी क्षेत्र में हैं। एक जुलाई तक देश भर में कुल 90 लाख जांचें हुई थीं। शर्मा ने कहा कि 25 मई तक जांच क्षमता करीब डेढ़ लाख रोजाना थी जिसे अब बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि शुरू में सिर्फ पुणे स्थित नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ वायरोलॉजी, एनआईवी में जांच होती थी। लॉकडाउन की शुरुआत में इसे बढ़ा कर एक सौ लैब्स में जांच शुरू कराई गई। बाद में 23 जून को आईसीएमआर ने एक हजार लैब्स को मंजूरी दी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहले कहा था कि सरकार कोविड-19 जांच क्षमता को बढ़ाने के लिए कई जरूरी कदम उठा रही है। सरकार ने कहा है कि आईसीएमआर की ओर से सुझाए गए जांच के विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल करते हुए सभी राज्य सरकारें, सरकारी और निजी संस्थाएं कोविड-19 की जांच के दायरे को बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं।

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