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वैक्सीन के लिए अभी इंतजार करना होगा

नई दिल्ली। अमेरिका और ब्रिटेन सहित दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस की वैक्सीन लगाई जाने लगी है पर भारत में वैक्सीन के लिए लोगों को अभी इंतजार करना होगा। भारत में जिस वैक्सीन को सबसे पहले मंजूरी मिलने की संभावना है वह कोवीशील्ड है, जिसे ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका ने तैयार किया है। यह वैक्सीन भारत के सीरम इंस्टीच्यूट ऑफ इंडिया में बन रही है। सीरम इंस्टीच्यूट ने कहा है कि उसे कोवीशील्ड के अंतिम फेज के क्लीनिकल ट्रायल्स का डाटा रेगुलेटर को देने में दस दिन का समय लगेगा।

हालांकि कंपनी ने वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए आवेदन कर दिया है। सो, यह समझना मुश्किल है कि तीसरे फेज के क्लीनिकल ट्रायल के डाटा के बगैर उसने आवेदन क्यों किया था। बहरहाल, अगर उसका डाटा संतोषजनक रहता है तो कोवीशील्ड को जनवरी के पहले हफ्ते में इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिल सकता है। इस तरह जनवरी में किसी समय वैक्सीनेशन का काम शुरू हो सकती है।

असल में पिछले हफ्ते ही ड्रग रेगुलेटर सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन यानी सीडीएससीओ की विशेषज्ञ समिति की एक बैठक हुई थी। इसमें कोवीशील्ड के साथ ही भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और फाइजर की वैक्सीन के डाटा पर चर्चा हुई। इन तीनों वैक्सीन के लिए इमरजेंसी मंजूरी मांगी गई है। कमेटी ने तीनों ही कंपनियों के इमरजेंसी मंजूरी के आवेदन पर कुछ सवाल उठाए और कंपनियों से जवाब मांगे थे।

सरकार को साइड इफेक्ट्स की चिंता

केंद्र सरकार कोरोना वायरस की वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति देने की तैयारी कर रही है और साथ ही देश भर में टीकाकरण शुरू करने की तैयारी भी कर रही है लेकिन उसे वैक्सीन के साइड इफेक्टस की भी चिंता है। तभी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स को लेकर राज्यों को आगाह किया है। स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को बताया कि वैक्सीन लगाने के बाद होने वाले रिएक्शन के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तैयार रहना होगा।

उन्होंने कहा- वैक्सीन का रिएक्शन गंभीर मसला है। दुनिया भर में वैक्सीनेशन प्रोग्राम लंबे समय तक चलता है। ऐसे में वैक्सीनेशन के बाद बच्चों और गर्भवती महिलाओं में उसके साइड इफेक्ट्स भी दिख सकते हैं। उन्होंने कहा- जिन देशों में वैक्सीनेशन शुरू हो चुका है, वहां इसके साइड इफेक्ट्स भी सामने आए हैं। खास कर ब्रिटेन, जहां वैक्सीन लगाने के बाद पहले दिन ही रिएक्शन के मामले देखे गए थे। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि राज्य इसके लिए पहले से ही पूरी तैयारी रखें।

इसके साथ ही उन्होंने वैक्सीन लगाने की तैयारियों का ब्योरा भी दिया। उन्होंने वैक्सीन के स्टोरेज के लिए जरूरी इंतजाम करने का दावा भी किया। उन्होंने बताया कि 29 हजार कोल्ड चेन प्वाइंट्स बनाए गए हैं। स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया- वैक्सीन के स्टोरेज के लिए 29 हजार कोल्ड चेन प्वाइंट्स, 240 वॉक-इन-कूलर्स, 70 वॉक-इन-फ्रीजर्स, 45 हजार आइस-लाइंड रेफ्रिजरेटर्स, 41 हजार डीप फ्रीजर्स और तीन सौ सोलर रेफ्रिजरेटर्स का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि ये सभी उपकरण राज्य सरकारों तक पहुंचा दिए गए हैं।

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