जेएनयू छात्रों का मार्च, पुलिस ने चलाई लाठी

नई दिल्ली। छात्रावास की बढ़ी हुई फीस वापस कराने के लिए आंदोलन कर रहे जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च की। उनको रोकने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। राष्ट्रपति भवन की ओर से जा रहे छात्रों को रोकने के लिए पुलिस को लाठी भी चलानी पड़ी। छात्र राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिल कर अपना ज्ञापन देना चाहते थे।

जेएनयू के छात्रों को संसद भवन या राष्ट्रपति भवन के आसपास पहुंचने से रोकने के लिए उद्योग विहार, लोक कल्याण मार्ग और केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए थे।  करीब चार घंटे तक ये मेट्रो स्टेशन बंद रहे। पुलिस ने जेएनयू के छात्रों को राष्ट्रपति भवन से कई किलोमीटर दूर भीकाजी कामा मेट्रो स्टेशन के पास रोक दिया था। जिन छात्रों ने राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ने की कोशिश की, उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

छात्रों ने पुलिस के लाठीचार्ज के कई फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर किए हैं। मार्च के कारण बाबा गंगनाथ मार्ग से सरोजनी नगर डिपो तक जाम लगा रहा। जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष ऐशी घोष ने कहा- पुलिस ने लाठीचार्ज कर लड़कियों सहित कई छात्रों को हिरासत में ले लिया है। वे हमसे कैंपस में वापस जाने को कह रहे थे, लेकिन जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होती हम यहां से नहीं हटेंगे।

मार्च में शामिल छात्रा श्रेया घोष ने कहा- जब शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकाला जा रहा था, तब पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसमें 30 से ज्यादा छात्र घायल हुए हैं। हम किसी भी तरह राष्ट्रपति भवन पहुंचेंगे और अपनी बात रखेंगे। इस मार्च को रोकने के लिए यूनिवर्सिटी कैंपस के बाहर पुलिस तैनात थी, लेकिन बाद में बैरिकेड्स खोल दिए गए। पुलिस ने बाबा गंगनाथ मार्ग को भी खोल दिया। पुलिस ने सरोजनी नगर डिपो तक छात्रों को मार्च निकालने की इजाजत दी थी। इसके आगे जाने पर पुलिस और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बनी। करीब पांच हजार छात्र पदयात्रा में शामिल थे।

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