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Saturday, April 17, 2021
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ट्रैक्टर रैली पर पुलिस फैसला करे

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नई दिल्ली।  केंद्र सरकार के बनाए तीन केंद्रीय कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठनों की ट्रैक्टर रैली पर सुप्रीम कोर्ट ने कोई भी फैसला करने से इनकार कर दिया है। सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि यह कानून और व्यवस्था से जुड़ा मामला है और इस पर पुलिस को ही फैसला करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 26 जनवरी को किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली कानून व्यवस्था से जुड़ा मामला है और यह फैसला करने का पहला अधिकार पुलिस को है कि राष्ट्रीय राजधानी में किसे प्रवेश की अनुमति दी जानी चाहिए।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी और प्रस्तावित ट्रैक्टर ट्रॉली रैली या गणतंत्र दिवस पर समारोहों व सभाओं को बाधित करने की कोशिश करने के लिए किसी किस्म के प्रदर्शनों पर रोक लगाने को कहा था। इस पर सर्वोच्च अदालत ने कहा कि पुलिस के पास इस मामले से निपटने का पूरा अधिकार हैं। हालांकि इस मामले में 20 जनवरी को आगे सुनवाई होगी।

चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस विनीत सरन की पीठ ने इस मामले पर सुनवाई के दौरान केंद्र से कहा- क्या सुप्रीम कोर्ट यह बताएगा कि पुलिस की क्या शक्तियां हैं और वह इनका इस्तेमाल कैसे करेगी? हम आपको यह नहीं बताने जा रहे कि आपको क्या करना चाहिए। पीठ ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से कहा कि वह इस मामले में 20 जनवरी को आगे सुनवाई करेगी।

अदालत ने कहा- दिल्ली में प्रवेश का मामला कानून व्यवस्था से जुड़ा है और पुलिस इस पर फैसला करेगी। पीठ ने कहा- अटॉर्नी जनरल, हम इस मामले की सुनवाई स्थगित कर रहे हैं और आपके पास इस मामले से निपटने का पूरा अधिकार है। केंद्र ने दिल्ली पुलिस के जरिए दायर याचिका में कहा है कि गणतंत्र दिवस समारोहों को बाधित करने की कोशिश करने वाली कोई भी प्रस्तावित रैली या प्रदर्शन देश के लिए शर्मिंदगी का कारण बनेगा। दूसरी ओर किसान संगठनों का कहना है कि गणतंत्र दिवस की परेड को बाधित करने का उनका कोई इरादा नहीं है।

सभी याचिकाओं पर 20 को सुनवाई

केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों और इनके विरोध में चल रहे किसान आंदोलन से जुड़ी तमाम याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में 20 जनवरी को सुनवाई होगी। इसके अलावा किसानों की ट्रैक्टर रैली को रूकवाने के लिए दिल्ली पुलिस के जरिए दायर की गई केंद्र सरकार की याचिका पर भी आगे की सुनवाई 20 जनवरी को होगी। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ दिल्ली पुलिस वाली याचिका सुनी और कहा कि ट्रैक्टर रैली हो या नहीं, इसका फैसला करने का अधिकार पुलिस को है।

इस याचिका पर सुनवाई के दौरान दूसरी याचिकाओं के बारे में ध्यान दिलाए जाने पर अदालत ने कहा कि वह 20 जनवरी को सारी याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। सोमवार को सुनवाई में अदालत ने किसान संगठनों के सुनवाई में शामिल होने के बारे में पूछा तो वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि वे इस मामले में कुछ किसान संगठनों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। एक किसान संगठन का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील एपी सिंह ने पीठ को बताया कि उन्होंने एक हलफनामा दाखिल किया है।

एपी सिंह के हलफनामे में कृषि कानूनों के मामले को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनाई गई समिति के तीन सदस्यों को हटाने और नए लोगों को चुनने का अनुरोध किया गया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने चार सदस्यों की कमेटी बनाई थी, जिसके एक सदस्य भूपिंदर सिंह मान ने खुद को कमेटी से अलग कर लिया है और कहा है कि वे किसानों के साथ हैं। किसान संगठनों ने आरापो लगाया है कि कमेटी के सदस्य कानून समर्थक हैं और सरकार के लोग हैं।

तभी वकील एपी सिंह ने एक याचिका के जरिए बाकी तीन सदस्यों को हटाने और ऐसे सदस्यों को नियुक्त करने की अपील की है जो आपसी सद्भाव के आधार पर काम कर सकें। उन्होंने इस बारे में ध्यान दिलाया तो पीठ ने अगली सुनवाई यानी 20 जनवरी का हवाला देते हुए कहा- हम उस दिन सभी की याचिका पर सुनवाई करेंगे। गौरतलब है कि अदालत ने 12 जनवरी को एक अंतरिम आदेश में अगले आदेश तक नए कृषि कानूनों के अमल पर रोक लगा दी थी और चार सदस्यों की समिति बनाई थी।

 

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