दिल्ली में अब तक 27 मौत!

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में 1984 के सिख विरोधी दंगों के बाद सबसे बड़ी सांप्रदायिक हिंसा में अब तक 27 लोगों की जान जा चुकी है और करीब ढाई सौ लोग घायल हुए हैं। हिंसा शुरू होने के चौथे दिन 27 मौतों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से शांति बनाए रखने की पहली बार अपील की। इस बीच बुधवार को सुरक्षा बलों ने हिंसा प्रभावित इलाकों में फ्लैग मार्च किया, जिसके बाद हालात में सुधार हुआ है। बुधवार को दोपहर से कोई हिंसा नहीं हुई है और कहीं से पत्थरबाजी या आगजनी की खबर नहीं  मिली है।

दिल्ली में रविवार से हो रही हिंसा की घटनाओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ट्विट किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विट किया- दिल्ली के विभिन्न इलाकों के हालात की गहन समीक्षा की है पुलिस और अन्य एजेंसियां शांति तथा सामान्य माहौल सुनिश्चित करने के लिए लगातार ज़मीन पर काम कर रही हैं। शांति तथा सौहार्द हमारे चरित्र का केंद्र हैं, मैं दिल्ली में रहने वाले अपने भाइयों-बहनों से हर वक्त शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील करता हूं। उन्होंने लिखा- शांति का बहाल होना और जल्दी से जल्दी सामान्य माहौल की वापसी बेहद अहम है।

इस बीच दिल्ली हिंसा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 24 घंटे में तीन बैठकें कीं। गृह मंत्री की बैठक में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी एसएन श्रीवास्तव भी मौजूद थे, जिन्हें मंगलवार को स्पेशल पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। एक बैठक उप राज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ साथ सभी पार्टियों के नेताओं के साथ हुई थी। इसमें अमित शाह ने सभी पार्टियों के नेताओं से कहा कि पार्टी की राजनीति से ऊपर उठ कर दिल्ली में शांति बहाली की कोशिश करें।

इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल ने मंगलवार को देर रात उत्तर पूर्वी दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाकों में जाकर वहां हालात का जायजा लिया था। उन्होंने दिल्ली पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। इस बीच उत्तर पूर्वी दिल्ली में बुधवार को सुरक्षा बलों की गश्त और फ्लैग मार्च का सिलसिला लगातार जारी रहा। उत्तर पूर्वी जिले के डीसीपी वेद प्रकाश सूर्या ने इसकी अगुवाई की। करावल नगर, खजूरी खास, चांद बाग, भजनपुरा, यमुना विहार, गोकुलपुरी, शिव विहार, मौजपुर और जाफराबाद में पुलिस की पेट्रोलिंग हुई।

बुधवार को ही खुफिया ब्यूरो, आईबी में काम करने वाले अंकित शर्मा का शव मिला। उनकी हत्या करके शव नाले में फेंक दिया गया था। जिस इलाके में उनका शव पाया गया वहां सड़कों पर पत्थर और कांच के टुकड़े बिखरे हुए थे, जिससे स्पष्ट है कि इलाके में भारी पथराव हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि पथराव के कारण शर्मा की मौत हुई होगी। अंकित शर्मा के पिता दिल्ली पुलिस में काम करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares