दिल्ली की हिंसा में अब तक 10 की मौत!

नई दिल्ली। तमाम सुरक्षा बंदोबस्तों के बावजूद उत्तर-पूर्वी दिल्ली में शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार को कई और इलाकों में हालात और बिगड़े। रविवार से चल रही इस हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 10 हो गई है। अब तक करीब डेढ़ सौ लोग घायल हुए हैं, जिनको अलग अलग अस्पतालों में भरती कराया गया है। घायलों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी हैं। मंगलवार को कई इलाकों में पथराव, आगजनी के साथ साथ गोली चलने की घटनाएं भी हुईं।

संशोधित नागरिकता कानून, सीएए के विरोध और समर्थन के नाम पर हुई हिंसा मंगलवार को तीसरे दिन भी जारी रही। लगातार तीसरे दिन दो गुटों के बीच हिंसा हुई। दंगाइयों ने मंगलवार को मौजपुर, भजनपुरा, ब्रह्मपुरी और गोकलपुरी इलाके में पथराव किया। मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास दो गुटों में झड़प के दौरान गोलियां चलीं। जाफराबाद में भी पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। बाद में करावल नगर रोड स्थित चांदबाग में हालात तब बिगड़ गए, जब उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया।

मौके पर पुलिस की टुकड़ी बहुत देर सी पहुंची। इस बीच, निगम पार्षद ताहिर हसन के दफ्तर में दंगाइयों ने आग लगा दी। उनके दफ्तर पर पेट्रोल बम से हमला किया गया। इसी दफ्तर की चार मंजिला इमारत की छत पर चढ़ कर कई लोग पथराव कर रहे थे। जाफराबाद और मौजपुर इलाके में सोमवार को हिंसक झड़पों के बाद मरने वालों की संख्या बढ़ कर 10 हो गई है। सोमवार को पांच और मंगलवार को पांच लोगों की मौत हुई। दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल की सोमवार को मौत हो गई थी।

पहले बताया गया था कि सिर पर पत्थर लगने से उनकी मौत हुई है, लेकिन मंगलवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई। इसमें खुलासा हुआ कि रतन लाल को कंधे पर गोली लगी थी और इसी से उनकी जान गई। हिंसा में मरने वाले बाकी लोगों के नाम शाहिद, मोहम्मद फुरकान, राहुल सोलंकी, नजीम, विनोद हैं। दो मृतकों की पहचान नहीं हो पाई। 42 साल के विनोद की उसके बेटे मोनू के सामने पत्थर लगने से मौत हुई, मोनू भी घायल है।

दिल्ली पुलिस ने मंगलवार शाम को प्रेस कांफ्रेंस करके हालात की जानकारी दी। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता एमएस रंधावा ने कहा- हिंसा प्रभावित इलाकों में धारा 144 लगा दी गई है। निगरानी के लिए ड्रोन की मदद भी ली जा रही है। मैं खास तौर पर उत्तर पूर्वी दिल्ली के लोगों से कानून हाथ में न लेने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करता हूं। रंधावा ने कहा- हिंसा में एक हेड कांस्टेबल रतनलाल की मौत हुई है। 56 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। डीसीपी को सिर में चोट आई है।

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