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दिल्ली में हिंसा थमी

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पांच दिन से चल रही हिंसा शुक्रवार को थमी रही। किसी इलाके से नई हिंसा की खबर नहीं मिली। हालांकि 23 फरवरी से शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 42 हो गई है। कुछ लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। तभी कहा जा रह है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। हिंसा थमने की वजह से शुक्रवार को जुमे की नमाज को देखते हुए कुछ इलाकों में धारा 144 से छूट दी गई।

हालांकि हिंसा से प्रभावित उत्तर पूर्वी दिल्ली के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है। प्रशासन ने पिछले एक महीने से इस इलाके में धारा 144 लगाई है। पर शुक्रवार को जुमे की नमाज की वजह से चार घंटे की ढील दी गई। इस बीच, फॉरेंसिक लैबोरेटरी की टीम ने चांद बाग इलाके में आम आदमी पार्टी से निकाले गए पार्षद ताहिर हुसैन की फैक्टरी से सबूत जुटाए। गौरतलब है कि एक वीडियो सामने आने और हिंसा में मारे गए आईबी के कर्मचारी अंकित शर्मा के परिजनों की ओर से मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद गुरुवार को आप ने ताहिर को पार्टी से निलंबित कर दिया था।

इस बीच दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल ने शुक्रवार को हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने बताया है कि अब तक 123 एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें से 25 एफआई हथियारों के इस्तेमाल को लेकर दर्ज की गई हैं। अब तक 630 लोगों को हिरासत में लिया गया है, इनमें से कुछ की गिरफ्तारी भी कई गई है। दिल्ली पुलिस के संयुक्त निदेशक ओपी मिश्रा शुक्रवार को हालात का जायजा लेने चांद बाग पहुंचे।

दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने ताहिर हुसैन के खिलाफ जांच को लेकर कहा- हम पार्षद ताहिर हुसैन के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। हम हर पीड़ित को न्याय दिलाने की कोशिश में जुटे हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने दो सदस्यों के साथ जाफराबाद क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने कुछ महिलाओं से भी बात की। साथ ही कहा कि इलाके में अभी थोड़ा तनाव है, लेकिन माहौल शांत है।

पांच दिन से दिल्ली में तनाव है। 23 फरवरी की रात को जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पर भीड़ के इकट्ठा होने के बाद भड़की हिंसा, दंगों में तब्दील हो गई। इन दंगों में अब तक 42 की मौत हो चुकी है, जबकि 350 से ज्यादा लोग घायल हैं। मरने वालों का आंकड़ा थमने की बजाय रोज बढ़ता ही जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, ज्यादातर लोगों की मौत गोली लगने की वजह से हुई है। जबकि कुछ लोगों की मौत दंगाइयों के हमले से हुई।

एनआईए से जांच के मामले में नोटिस

दिल्ली हाई कोर्ट ने उत्तर पूर्व दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून, सीएए को लेकर हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी, एनआईए से जांच कराने के लिए दायर की गई याचिका पर हाई कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार से शुक्रवार को जवाब मांगा।

चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस सी हरिशंकर की पीठ ने याचिका पर दिल्ली सरकार और गृह मंत्रालय व पुलिस को नोटिस जारी किए। याचिका में सीएए को लेकर नागरिकों को भड़काने के आरोप में कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद, एआईएमआईएम नेता वारिस पठान और असदुद्दीन ओवैसी सहित कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने को कहा गया है।

यह याचिका अजय गौतम ने दायर की है। इसमें अदालत से एनआई को जांच कर इस बात का पता लगाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि आंदोलनों के पीछे कौन सी ताकतें हैं। साथ ही इसमें पीपुल्स फ्रंट आफ इंडिया, पीएफआई की भूमिका की जांच कराने का आग्रह किया गया है। याचिका में अधिकारियों को उत्तर पूर्व दिल्ली में नागरिकों की जान माल की रक्षा और स्थिति पर काबू पाने के लिए समुचित बल तैनात करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

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