फड़नवीस चुने गए विधायक दल के नेता - Naya India
समाचार मुख्य| नया इंडिया|

फड़नवीस चुने गए विधायक दल के नेता

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस को एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। 24 अक्टूबर को आए चुनाव नतीजों के बाद बुधवार को भाजपा के नए चुने गए विधायकों की बैठक हुई, जिसमें फड़नवीस को नेता चुना गया। एक दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि उनका नेता चुना जाना महज एक औपचारिकता है क्योंकि चुनाव प्रचार में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कह दिया था कि वे ही मुख्यमंत्री बनेंगे। बहरहाल, फड़नवीस के नेता चुने जाने के बाद भाजपा की ओर से कहा गया है कि चार दिन के भीतर बतौर मुख्यमंत्री उनकी शपथ हो जाएगी। गौरतलब है कि नई सरकार के गठन को लेकर भाजपा और शिव सेना में खींचतान में चल रही है। शिव सेना ने ढाई ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद के बंटवारे की मांग की है। दूसरी ओर फड़नवीस ने कह दिया है कि कोई बंटवारा नहीं होगा। वे पांच साल तक मुख्यमंत्री रहेंगे।

बुधवार को भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद फड़नवीस ने जोर देकर कहा कि जनता ने महागठबंधन को चुना है। किसी अफवाह पर भरोसा न करें। राज्य में गठबंधन की सरकार बनेगी। फड़नवीस सरकार के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने विधायकों की बैठक के बाद कहा कि अगले दो दिनों में सब फाइनल हो जाएगा और चार दिनों में शपथ ग्रहण होगा।बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर अमित शाह और उद्धव ठाकरे के बीच बुधवार को चर्चा होनी थी, लेकिन शाह के गुजरात दौरे पर होने की वजह से ऐसा नहीं हो सका। इस बीच एक मराठी चैनल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री फड़नवीस और उद्धव ठाकरे के बीच फोन पर बात हुई। दोनों ने बैठक करके जल्दी ही समाधान निकालने पर सहमति जताई है।

दूसरी ओर शिव सेना ने भी गुरुवार को अपने विधायकों की बैठक बुलाई है। इस बीच पार्टी के नेता संजय राउत मातोश्री पहुंच कर उद्धव ठाकरे से मिले। उधर चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक किशोर जोर्गेवार मुख्यमंत्री फड़नवीस से मिले और भाजपा को समर्थन देने का ऐलान किया। मंगलवार को भी दो निर्दलीय विधायक फड़नवीस के समर्थन में आए थे।इससे पहले मंगलवार को फड़नवीस ने कहा था- भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि शिव सेना के साथ मुख्यमंत्री पद को लेकर फिफ्टी-फिफ्टी फॉर्मूला जैसा कोई समझौता नहीं हुआ था। फड़नवीस का यह बयान शिव सेना नेता संजय राउत के उस बयान के बाद आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उद्धव ठाकरे के पास भी सरकार बनाने के विकल्प हैं, लेकिन वे इसे स्वीकार करने का पाप नहीं करना चाहते। उन्होंने फड़नवीस के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि अगर वे कहते हैं कि फिफ्टी-फिफ्टी समझौते की बात नहीं हुई थी तो सच की परिभाषा बदलनी होगी।

ये खबर भी पढ़ें: यूरोपीय सांसदों ने किया भारत का समर्थन

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

});