डीआरडीओ को पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान बनाना ही होगा: वायुसेना प्रमुख

नई दिल्ली। वायु सेना प्रमुख राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने मंगलवार को भारतीय वायुसेना को सफल हथियार प्रणाली देने के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की प्रशंसा की और कहा कि डीआरडीओ को पांचवीं पीढ़ी का उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) बनाना चाहिए।

उन्होंने यहां डीआरडीओ निदेशकों के सम्मेलन में कहा कि भविष्य में प्रौद्योगिकी नेतृत्व का मतलब होगा कि यह हमें प्रतिकूल परिस्थितियों में एक तकनीकी ताकत उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा, “डीआरडीओ के साथ वायुसेना के जुड़ाव का एक लंबा इतिहास है। 70 के दशक में हम अपने प्रतिद्वंद्वियों के पीछे थे और फिर डीआरडीओ ने कदम रखा और हमें इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली दी, जिससे हमें तकनीकी बराबरी मिली।” वायुसेना प्रमुख ने कहा कि सरल राडार चेतावनी प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली ने भारतीय वायुसेना के अभियानों का स्वरूप बदल दिया। उन्होंने कहा, “अब एएमसीए की बारी है, ये डीआरडीओ की परियोजना है। और हम इसे पांचवी पीढ़ी का कहते हैं, सिर्फ इसलिए ये मतलब नहीं है कि हम पांचवी पीढ़ी तक सीमित हैं। हो सकता है कि ये छठी पीढ़ी की प्रौद्योगिकी हो। हम बस इसे पांचवी पीढ़ी का कहते हैं।” उन्होंने कहा, “और, डीआरडीओ को इसे साकार करना ही होगा… क्योंकि न सिर्फ आपका, बल्कि भारतीय वायुसेना का स्वाभिमान भी दांव पर लगा है।”

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