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एक भारत, श्रेष्ठ भारत के थीम पर आधारित होंगे हुनर हाट: नकवी

नई दिल्ली। केंद्रीय अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने आज कहा कि सरकार अगले पांच वर्षों के दौरान हुनर हाट के जरिए लाखों शिल्पकारों, कारीगरों और पारंपरिक रसोइयों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगी।

नकवी ने यहां कहा कि अगला हुनर हाट 1 से 10 नवम्‍बर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में ‘नॉर्थ सैंट्रल जोन कल्‍चरल सेंटर’ में आयोजित किया जायेगा। इसमें देश के सभी हिस्‍सों से 300 शिल्‍पकार और रसोइए भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि इस साल और अगले वर्ष आयोजित होने वाले हुनर हाटों की थीम एक भारत , श्रेष्ठ भारत होगी।

उन्होंने कहा कि हुनर हाट के जरिये पिछले तीन वर्षों के दौरान ढाई लाख शिल्‍पकारों, कारीगरों और पाक कला विशेषज्ञों को रोजगार मिला है। अल्‍पसंख्‍यक मंत्रालय पांच वर्षों के दौरान पूरे देश में 100 हुनर हाटों का आयोजन करेगा। ये दिल्‍ली, गुरूग्राम, मुंबई, चेन्‍नई, कोलकाता, बेंगलुरू, लखनऊ, अहमदाबाद, देहरादून, पटना, इंदौर, भोपाल, नागपुर, रायपुर, हैदराबाद, पुडुचेरी, चंडीगढ़, अमृतसर, जम्मू, शिमला, गोवा, कोच्चि, गुवाहाटी, रांची, भुवनेश्वर, अजमेर और अन्य स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हुनर हाट मेक इन इंडिया, स्‍टैंडअप इंडिया और स्‍टार्टअप इंडिया आदि कार्यक्रमों के लिए प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को पूरा करने में सहायता प्रदान करेगा।

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नकवी ने कहा कि प्रयागराज में आयोजित होने वाले हुनर हाट में देश में ही हस्तनिर्मित उत्‍पाद जैसे असम के बांस तथा जूट उत्पाद, वाराणसी सिल्क, लखनऊ की चिकनकारी, सिरेमिक, कांच के बने सामान , चर्म उत्‍पाद, उत्तर प्रदेश के पारंपरिक हस्तशिल्प, उत्तर पूर्वी क्षेत्र के पारंपरिक हस्तशिल्प, गुजरात से बंधेज, मिट्टी का काम , तांबा उत्पाद, आंध्र प्रदेश से कलमकारी और मंगलागिरी, राजस्थान से संगमरमर की कलाकृतियां और हस्तशिल्प, बिहार से मधुबनी पेंटिंग, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक से लकड़ी का काम, मध्य प्रदेश से ब्लॉक प्रिंट, पुदुचेरी से आभूषण और मोती, तमिलनाडु से चंदन के उत्पाद, पश्चिम बंगाल से हाथ की कढ़ाई वाले उत्पाद, कश्मीर-लद्दाख की दुर्लभ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां आदि प्रदर्शित किए जाएंगे। आगंतुक देश के हर कोने के पारंपरिक व्यंजनों का भी आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा, प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम, कव्‍वाली, सूफी संगीत और कविता पाठ किए जाएंगे।

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