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सीएम पद का बंटवारा नहीं होगा: फड़नवीस

मुंबई। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर भाजपा और शिव सेना के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है। मुख्यमंत्री और भाजपा के नेता देवेंद्र फड़नवीस ने दो टूक अंदाज में कहा है कि राज्य के मुख्यमंत्री पद का बंटवारा नहीं होगा। उन्होंने कहा है कि शिव सेना के साथ ढाई-ढाई साल तक दोनों पार्टियों का मुख्यमंत्री बनाने के बारे में कोई बात नहीं हुई थी। फड़नवीस ने यह भी कहा कि वे पांच साल तक के लिए मुख्यमंत्री बनेंगे। बुधवार को विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें फड़नवीस को नेता चुने जाने की संभावना है।

फड़नवीस ने मंगलवार को कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले जब गठबंधन को अंतिम रूप दिया गया था तब शिव सेना से ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद का वादा नहीं किया गया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगले पांच साल तक वे ही मुख्यमंत्री रहेंगे। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 105 और शिव सेना ने 56 सीटें जीती हैं और राज्य की अगली सरकार में सत्ता में भागीदारी को लेकर दोनों के बीच तकरार चल रही है।

पिछले हफ्ते नतीजे के बाद शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस से 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले हुए समझौते में 50:50 के फार्मूले पर बनी सहमति की याद दिलाई थी। फड़नवीस ने अपने आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ में संवाददाताओं से कहा- लोकसभा चुनाव से पहले जब गठबंधन को अंतिम रूप दिया गया था तब शिव सेना से ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद का वादा नहीं किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा नीत गठबंधन अगले पांच साल एक स्थिर व कुशल सरकार देगा। फड़नवीस ने कहा कि भाजपा विधायक दल बुधवार को अपना नया नेता चुनेगा। उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नाम का ऐलान पहले ही कर चुके हैं और बैठक एक औपचारिकता होगी।  उनका इशारा चुनाव प्रचार के दौरान मोदी द्वारा दिए गए उस बयान की ओर था कि गठबंधन की अगुवाई फड़नवीस करेंगे।

संजय राउत ने फड़नवीस को दिया जवाब

शिव सेना से मुख्यमंत्री पद के बंटवारे पर चर्चा नहीं होने के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के दावे पर शिव सेना नेता संजय राउत ने पलटवार किया। उन्होंने इशारों इशारों में कहा कि मुख्यमंत्री झूठ बोल रहे हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री फड़नवीस ने मंगलवार को कहा कि शिव सेना के साथ ढाई-ढाई साल तक मुख्यमंत्री पद की साझेदारी को लेकर कोई बात नहीं हुई थी।इसका जवाब देते हुए शिव सेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा- मुझे नहीं पता कि सीएम देवेंद्र फड़नवीस ने क्या कहा। अगर वे कह रहे हैं कि 50-50 फॉर्मूले पर कभी चर्चा नहीं हुई तो मुझे लगता है कि हमें सच्चाई की परिभाषा बदलने की जरूरत है। इस मामले में सीएम के साथ क्या चर्चा हुई थी, इस बारे में सब जानते हैं। मीडिया भी वहां थी।

राउत ने कहा- सीएम ने खुद 50-50 फॉर्मूले की बात कही थी। उद्धव ठाकरे ने भी इस बारे में चर्चा की थी। यह अमित शाह के सामने हुआ था। अगर अब ये कहते हैं कि ऐसी कोई बात नहीं हुई तो मैं प्रणाम करता हूं ऐसी बातों को। वे उन बातों से इनकार कर रहे हैं, जिन्हें उन्होंने कैमरे के सामने बोला है।

संजय राउत ने मंगलवार को कहा- बीजेपी और शिव सेना के बीच आज शाम चार बजे मीटिंग होनी थी। लेकिन अगर सीएम फड़नवीस खुद कह रहे हैं कि 50-50 फॉर्मूले पर कोई चर्चा नहीं हुई तो हम किस मुद्दे पर बात करेंगे? किस आधार पर हमें बीजेपी से बात करनी चाहिए? इसलिए उद्धव ठाकरे ने आज की मीटिंग रद्द कर दी।

भाजपा साथ जाना चाहते सेना के विधायक

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों के बाद सरकार बनाने के लिए भाजपा और शिव सेना में चल रही तनातनी के बीच भाजपा ने दावा किया है कि शिव सेना के ज्यादातर विधायक भाजपा के साथ मिल कर सरकार बनाने के पक्ष में हैं। भाजपा के सांसद संजय काकड़े ने मंगलवार को दावा किया कि महाराष्ट्र में शिव सेना के नए चुने गए 45 विधायक भाजपा के साथ मिल कर सरकार बनाना चाहते हैं।

एक न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान राज्यसभा सदस्य काकड़े ने कहा- शिव सेना के 56 में से 45 विधायकों ने भाजपा से हाथ मिला कर सरकार बनाने की अपनी इच्छा जाहिर की है। वे हमें फोन कर कह रहे हैं कि उन्हें सरकार में शामिल कर लें।  काकड़े ने यह भी कहा कि शिव सेना के विधायक कह रहे हैं कि चाहे जो भी किया जाए लेकिन हम भाजपा के साथ सरकार का हिस्सा बनना चाहते हैं।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 105 और शिव सेना ने 56 सीटें जीती हैं और राज्य की अगली सरकार में सत्ता में भागीदारी को लेकर दोनों के बीच तकरार चल रही है। 21 अक्टूबर को हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा के विधायकों की संख्या 2014 की तुलना में घट गई, जिसके बाद शिव सेना सत्ता में बराबर की भागीदारी पर जोर दे रही है।

शिव सेना ने राज्य में अगली गठबंधन सरकार बनाने का दावा करने के बारे में बातचीत करने से पहले भाजपा से सत्ता में बराबर की भागीदारी के फार्मूले पर अमल का लिखित भरोसा मांगा है। महाराष्ट्र में 288 सदस्यों की विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 123 का है। शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने 54 सीट जीतीं, जबकि कांग्रेस के हिस्से 44 सीटें आई हैं।

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