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देश भर में किसानों का प्रदर्शन

नई दिल्ली। कृषि से जुड़े तीन कानूनों को लेकर देश भर में प्रदर्शन जारी है। इन कानूनों के विरोध में भारत बंद के आयोजन के दो दिन बाद सोमवार को एक बार फिर पूरे देश में किसान सड़कों पर उतरे और प्रदर्शन किया। महान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह के जन्मदिन के मौके पर पंजाब में किसानों ने कई जगह प्रदर्शन का आयोजन किया था। उधर कर्नाटक में किसान संगठनों ने बंद का आह्वान किया था। दिल्ली में भी इंडिया गेट पर किसानों ने प्रदर्शन किया तो तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में भी किसान संगठनों ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया।

भाजपा शासित कर्नाटक में किसानों ने कृषि कानूनों के साथ साथ भूमि सुधार बिल के खिलाफ सोमवार को प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा किसान नेता माने जाते हैं ऐसे में उनके राज्य में शुरू हुए आंदोलन से उन्हें परेशानी हो सकती है। कर्नाटक में बेंगलुरू के साथ-साथ राज्य के लगभग सभी जिलों में केंद्र सरकार के कृषि कानून के ख़िलाफ़ किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि आलू, प्याज़, दलहन को नया कानून आने के बाद से न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलेगा। कर्नाटक किसान संघ के अध्यक्ष के चंद्रशेखर ने कहा है- यह सरकार किसानों से झूठ बोल रही है, नरेंद्र मोदी झूठे हैं। इसे लागू करने की कोशिश कर रहे येदियुरप्पा झूठ में मोदी का साथ दे रहे हैं। उन्होंने कहा- यह सब किसानों के विरोधी हैं।

दिल्ली में भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कृषि कानूनों के विरोध में सोमवार सुबह इंडिया गेट पर प्रदर्शन किया और एक ट्रैक्टर को आग के हवाले कर दिया। इस सिलसिले में पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया है। भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राहुल राव ने कहा कि संगठन की पंजाब इकाई के कार्यकर्ताओं ने कृषि संबंधी कानूनों के विरोध में ट्रैक्टर को आग लगाई। युवा कांग्रेस ने सोमवार को ट्वीट किया- शहीद ए आजम भगत सिंह की जयंती पर आज पंजाब युवा कांग्रेस ने गूंगी-बहरी सरकार को जगाने के लिए इंडिया गेट पर किसानों के साथ ट्रैक्टर आग के हवाले किया और प्रदर्शन किया।

उधर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह नवांशहर जिले में स्थित शहीद भगत सिंह के गांव खटकड़ कलां में चल रहे किसानों के धरने में शामिल हुए। उन्होंने कहा- भाजपा पूंजीपतियों के हित देखती है। सारा खेल जरूरत का है। जब जरूरत होती है तो किसान याद आते हैं, नहीं तो अडाणी-अंबानी ही दिखाई देते हैं। कैप्टेन ने कहा कि वे किसानों के हितों को देखते हुए अपने राज्य के कानून में संशोधन सहित सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

लखनऊ में कांग्रेस और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया ने कार्यकर्ता विधानसभा का घेराव करने पहुंचे थे। इस दौरान उनकी पुलिस से झड़प भी हुई। करीब एक हजार कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए हैं। उधर तमिलनाडु में भी प्रदर्शन हुए। कांचीपुरम के कीझांबी गांव में डीएमके के अध्यक्ष एम के स्टालिन प्रदर्शन में शामिल हुए।

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