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किसानों को सरकार पर भरोसा नहीं

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने सोमवार को सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक भूख हड़ताल की। दिल्ली की सीमा पर चल रहे आंदोलन के 19वें दिन किसानों ने एक दिन का उपवास किया और उधर उनके समर्थन में देश भर के जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन किए गए। इस बीच भारतीय किसान यूनियन हरियाणा के नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि किसानों को सरकार की बातों पर भरोसा नहीं है क्योंकि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी के मामले में लोगों को गुमराह कर रही है। एक दूसरे किसान नेता बूटा सिंह ने कहा कि सरकार किसानों में फूट डालने की कोशिश कर रही है और आंदोलन खत्म कराने के लिए हर तरह का हथकंडा अपना रही है।

अब तक सरकार के साथ हुई वार्ताओं में शामिल रहे चढूनी ने कहा- एक तरफ भाजपा के नेता प्रचार कर रहे हैं एमएसपी की व्यवस्था जारी रहेगी। दूसरी ओर गृह मंत्री अमित शाह ने आठ दिसंबर को हमारे साथ मीटिंग में कहा था कि सरकार सभी 23 फसलों को एमएसपी पर नहीं खरीद सकती, क्योंकि इस पर 17 लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे। गौरतलब है कि सरकार के साथ प्रदर्शनकारी किसानों की आखिरी वार्ता आठ दिसंबर को हुई थी। उस दिन रात में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 13 किसान नेताओं से मिले थे। उसके बाद से गतिरोध बढ़ा हुआ है।

इस बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने भी सोमवार को किसानों की भूख हड़ताल को समर्थन करते हुए एक दिन का उपवास रखा। उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों से भी उपवास करने की अपील की थी। केजरीवाल ने कहा-हमारे किसान इन दिनों संकट में हैं। जिन लोगों को अपने खेतों में काम करना चाहिए, वे ठंड में सड़कों पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि कानून किसानों और आम आदमियों के खिलाफ है। हालांकि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने उनके उपवास को नौटंकी बताया और कहा कि दिल्ली सरकार ने 23 नवंबर को केंद्र के बनाए कानूनों को अधिसूचित कर दिया है।

पंजाब और हरियाणा में किसानों ने सोमवार को जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किए। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने किसानों के समर्थन में सोमवार को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया। बाद में सपा ने एक ट्विट करके बताया कि किसानों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे सपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठी चार्ज की। सपा ने ट्विट किया कि उसके कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज और गिरफ्तारी लोकतंत्र की हत्या है। पार्टी ने कहा कि किसानों के समर्थन में सड़क से लेकर सदन तक समाजवादियों का संघर्ष जारी रहेगा।

समर्थक किसानों से सरकार की बात

केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों की बजाय सरकार इन कानूनों का समर्थन करने वाले किसानों से मिल रही है। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सोमवार को बताया कि उत्तर प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार और हरियाणा के 10 किसान संगठनों ने कृषि कानूनों को सही बताया है और उनका समर्थन किया है। उन्होंने हालांकि कहा कि सरकार प्रदर्शन कर रहे किसानों से वार्ता की तैयारी कर रही है। किसानों के साथ सरकार की आखिरी बार आठ दिसंबर को बातचीत हुई थी।

किसानों के साथ वार्ता में शामिल रहे दूसरे मंत्री पीयूष गोयल पंजाब के किसानों को अलग बताने की रणनीति के तहत सोमवार को बयान दिया कि किसान संगठन कह रहे हैं कि पंजाब के किसानों का आंदोलन राजनीति से प्रेरित है। गोयल ने कहा- देश का किसान मोदी सरकार के कृषि कानूनों की अहमियत समझता है। राज्यों के किसान प्रतिनिधियों ने कहा है कि पंजाब का आंदोलन राजनीति से प्रेरित है। किसी भी कीमत पर ये कानून वापस नही होने चाहिए। प्रदर्शन कर रहे किसान इसे फूट डालने की रणनीति बता रहे हैं।

इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- एग्रीकल्चर एक अहम सेक्टर है, इसमें विपरीत फैसले लेने का सवाल ही नहीं उठता। मौजूदा सुधार किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। उन्होंने कहा- किसान भाइयों से बातचीत के दरवाजे हमेशा खुले हैं। किसान आंदोलन को खत्म कराने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद भी काफी सक्रिय हैं। उन्होंने सोमवार को भी तोमर और दूसरे केंद्रीय मंत्रियों के साथ इस मसले पर बैठक की।

किसान संगठनों के साथ आखिरी वार्ता आठ दिसंबर को अमित शाह की ही हुई थी। किसान आंदोलन को खत्म कराने के लिए पिछले तीन दिन में उन्होंने पांच बैठकें की हैं। सरकार हर राज्य के किसानों के लिए अलग रणनीति बना रही है। बताया जा रहा है कि किसानों को मनाने और आंदोलन खत्म कराने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को अलग-अलग राज्यों और यूनियनों की जिम्मेदारी दी गई है। ये दोनों सभी से अलग-अलग बात करेंगे। लेकिन, पंजाब के किसान नेताओं की जिम्मेदारी अमित शाह ने अपने पास रखी है।

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