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कृषि क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को एक लाख करोड़

नई दिल्ली।  केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर भारत योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज के तीसरे चरण का ऐलान किया। शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन प्रेस कांफ्रेंस करके उन्होंने पैकेज के एक हिस्से का ब्योरा दिया। तीसरे दिन उनका फोकस कृषि और पशुपालन के ऊपर रहा। वित्त मंत्री ने कृषि क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के विकास पर एक लाख करोड़ रुपए खर्च करने का ऐलान किया। उन्होंने इसके साथ आवश्यक वस्तु कानून में बदलाव की भी जानकारी दी। उन्होंने किसानों के लिए कई तरह की रियायतों का ऐलान किया।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 12 मई को राष्ट्र के नाम संबोधन में 20 लाख करोड़ रुपए के एक प्रोत्साहन पैकेज का ऐलान किया था। उसके अगले दिन बुधवार को वित्त मंत्री ने लघु और मझोले उद्योगों और रियल एस्‍टेट सहित कुछ अन्‍य सेक्‍टर को दी जाने वाली राहतों का ऐलान किया। इसके अगले दिन गुरुवार को उन्‍होंने किसानों और प्रवासी मजदूरों के लिए तय पैकेज का ऐलान किया।

शुक्रवार को तीसरे दिन उन्‍होंने कृषि, पशुपालन और मत्स्यपालन क्षेत्र के पैकेज की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसानों के खातों में दो महीने में 18 हजार सात सौ करोड़ डाले गए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने 74 हजार तीन सौ करोड़ रुपए की फसल खरीदी है और दो करोड़ किसानों को ब्‍याज में सब्सिडी की सुविधा दी गई है। न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य, एमएसपी के लिए 17 हजार तीन सौ करोड़ और फसल बीमा के लिए 64 सौ करोड़ रुपये का प्रावधान है।

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के जरिए मछुआरों के लिए 20 हजार करोड़ रुपए आवंटित करने का फैसला किया है। यह समुद्री और देश के अंदर नदियों में मछली मारन के काम में विकास में मदद करेगा। उन्होंने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड के लिए दो लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया। निर्मला सीतारमण ने कहा कि माइक्रो फूड एंटरप्राइजेज के लिए 10 हजार करोड़ रुपए की योजना शुरू करने का फैसला किया गया है। यह स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए होगा।

किसानों के लिए रियायतों का ऐलान

केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के संकट के बीच किसानों और पशुपालकों व मछली पालन करने वालों के लिए कई किस्म की रियायतों का ऐलान किया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस करके बताया कि ऐसा केंद्रीय कानून बनाया जाएगा, जिसकी मदद से किसानों के लिए बिना किसी बाधा के एक राज्य से दूसरे राज्य में जाकर अपने सामान की खरीद-बिक्री आसान हो जाएगी। उन्होंने बताया कि कृषि उत्पादों की मार्केटिंग के क्षेत्र में सुधार से किसानों को फायदा होगा।

निर्मला सीतारमण ने यह भी जरूरी वस्तुओं के भंडारण की सीमा खत्म की जाएगी। उन्होंने मछली पालन, डेयरी विकास, औषधीय जड़ी-बूटियों की खेती और मवेशी टीकाकरण के लिए भी नए फंड की घोषणा की। वित्त मंत्री ने कहा कि डेयरी प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन, मवेशी चारा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 15 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने मवेशियों में होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए 13,343 करोड़ रुपए उपलब्ध कराने की घोषणा की।

हर्बल खेती को प्रोत्साहन के लिए चार हजार करोड़ रुपए के लिए राष्ट्रीय औषधीय पौध कोष की घोषणा की गई है। सीतारमण ने कहा कि अब ऑपरेशन हरित का विस्तार टमाटर, प्याज और आलू से आगे सभी फलों और सब्जियों तक किया जाएगा। इन के परिवहन और भंडारण पर 50 फीसदी की सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी। आर्थिक पैकेज की तीसरी किस्त में मधुमक्खी पालकों के लिए बुनियादी ढांचा विकास को पांच करोड़ रुपए की घोषणा की गई है।

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