वित्त मंत्री ने दिया आर्थिक पैकेज का ब्योरा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 20 लाख करोड़ रुपए के जिस आर्थिक पैकेज का ऐलान किया था, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को उसका ब्योरा देना शुरू कर दिया। पहले दिन उन्होंने अलग अलग सेक्टर के लिए 15 छोटी-बड़ी घोषणाएं कीं। वित्त मंत्री ने बताया कि छोटे व मझोले उद्यम यानी एमएसएमई सेक्टर के लिए तीन लाख करोड़ रुपए के कर्ज का प्रावधान किया गया है, जो वे बिना किसी गारंटी के ले सकते हैं। 45 लाख इकाइयों को इसका लाभ मिलेगा। वित्त मंत्री ने आय कर रिटर्न जमा करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर तक बढ़ा दी है और पावर सेक्टर के लिए पैकेज की घोषणा की है।

वित्त मंत्री ने बुधवार को कुल 15 घोषणाएं कीं। इनमें से छह घोषणाएं छोटे व मझले उद्यमों के लिए हैं और तीन घोषणाएं टैक्स से जुड़ी हैं। इसके अलावा कर्मचारी भविष्य निधि, ईपीएफ को लेकर भी उन्होंने घोषणा की है और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए भी ऐलान किया है। ऊर्जा सेक्टर और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए भी पैकेज का ऐलान किया गया है। वित्त मंत्री ने बुधवार की प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि वित्तीय वर्ष 2019-2020 के लिए आय कर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई से बढ़ा कर 30 नवंबर कर दी गई है। टैक्स ऑडिट की आखिरी तारीख भी 30 सितंबर से बढ़ा कर 31 अक्टूबर की गई है।

वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि वेतन से अलग होने वाले दूसरे भुगतान में टीडीएस काटने में 25 फीसदी की कमी की जाएगी। इससे करदाताओं पर 50 हजार करोड़ रुपए का भार कम पड़ेगा। टीडीएस की नई दर 14 मई से ही लागू हो जाएगी। रियल एस्टेट सेक्टर को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने कहा है कि जिनके प्रोजेक्ट 25 मार्च या उसके बाद पूरे होने थे उनकी प्रोजेक्ट की रजिस्ट्रेशन और कम्प्लीशन की टाइमलाइन अपने आप ही छह महीने के लिए बढ़ जाएगी। किसी को भी इसके लिए अलग से आवेदन देने की जरूरत नहीं होगी।

एमएसएमई सेक्टर के लिए वित्त मंत्री ने तीन लाख करोड़ रुपए की कर्ज सुविधा का ऐलान किया। यह कोलैटरल फ्री ऑटोमैटिक लोन होगा। यानी इसके बदले में उद्यमों को गारंटी नहीं देनी होगी। गारंटी फीस भी नहीं लगेगी। यह कर्ज चार साल के लिए होगा। कर्ज की मूल रकम चुकाने के लिए 12 महीने की राहत मिलेगी। इसके अलावा वित्त मंत्री ने एक बड़ी घोषणा यह की है कि दो सौ करोड़ रुपए तक की सरकारी खरीद के लिए ग्लोबल टेंडर जारी नहीं किया जाएगा। यह स्वदेशी को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। यह भी ऐलान किया गया है कि सरकार और सरकारी उद्यम अगले 45 दिन में एमएसएमई के सभी बकाए का भुगतान कर देंगे। गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए 30 हजार करोड़ रुपए की एक विशेष योजना की भी घोषणा की गई है।

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