• डाउनलोड ऐप
Monday, April 12, 2021
No menu items!
spot_img

राजकोषीय नीति में अदालत दखल न दे

Must Read

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि अदालतों को देश की राजकोषीय नीति में दखल नहीं देना चाहिए। कर्ज की किस्तें नहीं चुकाने वालों के खाते को एनपीए घोषित नहीं करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सवाल उठाते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि सर्वोच्च अदालत को यह पाबंदी तुरंत खत्म करनी चाहिए क्योंकि इससे बैंकिंग प्रक्रिया बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कोरोना महामारी में विभिन्न क्षेत्रों को अधिक राहत देना संभव नहीं है।

सरकार ने साथ ही इस बात पर जोर दिया कि अदालतों को राजकोषीय नीति में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। भारतीय रिजर्व बैंक, आरबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से अपील किया है कि अदालत एनपीए प्रक्रिया पर लगे बैन को तुरंत खत्म करे। क्योंकि इससे देश का बैंकिंग सिस्टम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक को नियामक के रूप में मिला अधिकार भी कमजोर हो रहा है।

कोरोना वायरस की वजह से बिगड़े आर्थिक हालात को देखते हुए आरबीआई ने बैंकों को छह महीने तक के कर्ज भुगतान पर मोराटोरियम दिया था यानी छह महीने तक कर्ज की किस्तें चुकाने से छूट दी थी। बाद में कर्जदारों को वन टाइम लोन रिस्ट्रक्चरिंग की छूट भी दी गई। मोराटोरियम की अवधि में ब्याज के ऊपर ब्याज लगाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस पर सुनवाई के दौरान अदालत ने कर्ज की किस्तें नहीं भर पाने वालों के खाते को एनपीए घोषित करने से रोक दिया था।

सुनवाई के दौरान सरकार ने अदालत को बताया कि वह कर्ज की किस्तों पर ब्याज के ऊपर लगने वाला ब्याज माफ करने को तैयार है। इस घोषणा से दो करोड़ रुपए तक के एमएसएमई लोन और पर्सनल लोन पर ब्याज पर ब्याज की छूट मिलेगी। इसके लिए सरकार को छह-सात हजार करोड़ रुपए की रकम का भुगतान करना पड़ेगा।

सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने अगले आदेश तक बैंकों द्वारा कर्ज को एनपीए घोषित करने पर रोक लगा दी थी। इस मामले पर अदालत अपनी अगली सुनवाई मंगलवार यानी 13 अक्टूबर को करेगी। इस मामले में आने वाले फैसले से न केवल लाखों कर्जदारों, बल्कि बैंकों और देश की आर्थिकी भी प्रभावित होगी।

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest News

सुशील चंद्रा बने 24वें मुख्य चुनाव आयुक्त, लेंगे सुनील अरोड़ा की जगह

नई दिल्ली। चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की प्रक्रियाओं के बीच सोमवार को...

More Articles Like This