जम्मू कश्मीर के पांच नेता रिहा

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने और राज्य को दो हिस्सों में बांटने वाले प्रस्ताव को मंजूर करने के बाद से हिरासत में रखे गए जम्मू कश्मीर के नेताओं की रिहाई का सिलसिला शुरू हो गया है। अगस्त महीने से ही हिरासत में रखे गए पांच पूर्व विधायकों को सोमवार को रिहा किया गया। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला अब भी हिरासत में हैं।

सोमवार को रिहा किए गए नेताओं में दो नेता पीडीपी के, दो नेशनल कांफ्रेंस के और एक निर्दलीय हैं। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले रविवार को पीडीपी ने जम्मू कश्मीर के राजनीतिक नेताओं की रिहाई की अपनी मांग दोहराई थी। साथ में पार्टी ने कहा था कि इस क्षेत्र में मौजूदा स्थिति लोकतंत्र के विचार को कमजोर कर रही है। पार्टी ने कहा था कि मौजूदा स्थिति आपातकाल के दिनों की यादों को ताजा कर रही है।

पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, पीडीपी के महासचिव और विधान परिषद के पूर्व सदस्य सुरिंदर चौधरी ने कहा कि शांति कायम करने के लिए, सरकार को मौजूदा स्थिति पर गौर करना चाहिए जो बहुत गंभीर और चिंताजनक है। यहां पार्टी मुख्यालय में एक बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने जम्मू कश्मीर के हिरासत में रखे गए राजनीतिक नेताओं को रिहा किए जाने की जरूरत बताई। बैठक में जम्मू कश्मीर की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा हुई और पार्टी संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की चौथी पुण्यतिथि मनाने के लिए किए जा रहे प्रबंधों का भी जायजा लिया गया।

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