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Monday, April 19, 2021
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कांग्रेस के असंतुष्टों ने दिखाएं तैंवर

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जम्मू। कांग्रेस आलाकमान से नाराज नेताओं ने शनिवार को जम्मू में शक्ति प्रदर्शन किया। इन असंतुष्ट नेताओं ने अपने शक्ति प्रदर्शन को शांति सम्मेलन का नाम दिया। इस कार्यक्रम में शामिल कांग्रेस नेताओं ने परोक्ष रूप से पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि पार्टी आलाकमान गुलाम नबी आजाद के अनुभव का फायदा नहीं ले रही है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि उनकी आंखों के सामने कांग्रेस पार्टी कमजोर हो रही है। खुद गुलाम नबी आजाद ने कहा कि वे राज्यसभा से रिटायर हुए हैं राजनीति से नहीं। गौरतलब है कि वे 15 फरवरी को राज्यसभा से रिटायर हुए हैं।

गौरतलब है कि कांग्रेस के 23 नाराज नेताओं ने पार्टी आलाकमान को पिछले साल अगस्त में चिट्ठी लिखी थी और अध्यक्ष सहित सभी पदों पर चुनाव कराने की मांग की थी। हालांकि पिछले दिनों हुई कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में इन नेताओं की नाराजगी दूर कर दी गई थी और सोनिया गांधी ने कह दिया था कि जून तक कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव हो जाएगा। इसके बावजूद जी-23 के नाम से मशहूर ग्रुप के नेताओं ने आजाद के स्वागत समारोह के बहाने शक्ति प्रदर्शन किया।

जी-23 के नेताओं के शांति सम्मेलन में सिब्बल ने कहा- गुलाम नबी आजाद साहब का असली रोल क्या है? हवाई जहाज को उड़ाने वाला व्यक्ति अनुभवी होता है, लेकिन उसके साथ एक इंजीनियर भी रहता है। इंजीनियर ही इंजन में खराबी का पता लगा कर उसे ठीक करता है। उन्होंने कहा- गुलाम नबी जी अनुभवी तो हैं ही, इंजीनियर भी हैं। वे ऐसे व्यक्ति हैं, जो हर राज्य के हर जिले में कांग्रेस की जमीनी हकीकत से वाकिफ हैं। हम उन्हें संसद से जाने नहीं देना चाहते, मुझे समझ नहीं आता कि कांग्रेस उनके अनुभव का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रही?

गुलाम नबी आजाद ने कहा- मैं राज्यसभा से रिटायर हुआ हूं, राजनीति से रिटायर नहीं हुआ और मैं संसद से पहली बार रिटायर नहीं हुआ हूं। जम्मू कश्मीर की स्थिति पर उन्होंने कहा- आज कई बरसों बाद हम राज्य का हिस्सा नहीं हैं, हमारी पहचान खत्म हो गई है। राज्य का दर्जा वापस पाने के लिए हमारी संसद के अंदर और बाहर लड़ाई जारी रहेगी। जब तब यहां चुने हुए नुमाइंदे मंत्री और मुख्यमंत्री नहीं होंगे बेरोजगारी, सड़कों और स्कूलों की ये हालत जारी रहेगी।

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि किसी प्रदेश को बांट कर दो केंद्र शासित प्रदेश बना दिए गए हों। उन्होंने कहा- जम्मू कश्मीर को बांट दिया गया है। हम इसकी लड़ाई लड़ते रहेंगे। कार्यक्रम में पहुंचे राज बब्बर ने कहा- लोग हमें जी-23 कहते हैं, लेकिन मैं इसे गांधी-23 कहता हूं। इस देश के कानून और संविधान को महात्मा गांधी की विचारधारा, संकल्प और सोच के मुताबिक बनाया गया था। कांग्रेस इसे पूरी ताकत से आगे ले जाने के लिए तैयार है। जी-23 चाहता है कि कांग्रेस मजबूत बने।

नाराज नेताओं को पार्टी की नसीहत

कांग्रेस पार्टी से नाराज नेताओं की जम्मू में हुई सभा के तुरंत बाद कांग्रेस पार्टी ने अपने इन नेताओं को नसीहत दी। पार्टी के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कांग्रेस के कमजोर होने के इन नेताओं के बयान पर पलटवार किया। सिंघवी ने कहा कि बेहतर होता अगर ये नेता चार राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में पहुंच कर कांग्रेस की मदद करते। इन सभी जगह विधानसभा चुनाव होने हैं।

सिंघवी ने शांति सम्मेलन में शामिल नेताओं पर कहा- वे सभी पार्टी के सम्मानित नेता है। हम उनकी इज्जत करते हैं। इससे पहले कपिल सिब्बल ने अपने भाषण में कहा था गुलाम नबी आजाद की योग्यता का कांग्रेस इस्तेमाल नहीं कर रही है। इसका हवाला देते हुए सिंघवी ने कहा- एक नेता ने यूज्ड शब्द का इस्तेमाल किया। जिन्होंने यह कहा, वे कांग्रेस की परंपरा नहीं जानते। जिनके लिए इस शब्द का इस्तेमाल किया गया, वे सात बार कांग्रेस से सांसद रहे है। सोनिया जी ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया। इंदिरा जी ने कैबिनेट में जगह दी। सिंघवी ने कहा कि गुलाम नबी आजाद कांग्रेस के महासचिव रहे और देश भर के 20 राज्यों के प्रभारी रहे।

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