सरकार चुकाएगी जीएसटी का बकाया

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की महामारी और इसकी वजह से राजस्व वसूली में आई बड़ी गिरावट के बावजूद केंद्र सरकार वस्तु व सेवा कर, जीएसटी के राज्यों के बकाए का भुगतान करेगी। केंद्र सरकार ने चिट्ठी लिख कर राज्यों को इसकी जानकारी दी है। बताया जा रहा है कि एक सितंबर को वित्त और व्यय सचिव वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए राज्यों के साथ इस बारे में बातचीत भी करेंगे। गौरतलब है कि 27 अगस्त को जीएसटी कौंसिल की 41वीं बैठक हुई थी, जिसमें केंद्र ने राज्यों का बकाया चुकाने से हाथ खड़े कर दिए थे। पर दो दिन बाद ही सरकार ने कहा है कि वह बकाया चुकाएगी।

राज्यों को लिखी चिट्ठी में केंद्र सरकार ने वादा किया है कि कोरोना के चलते जीएसटी सेस की वसूली में भारी गिरावट के बावजूद वह राज्यों की बकाया रकम अदा करेगी। गौरतलब है कि कोरोना वायरस के चलते हो रहे आर्थ‍िक नुकसान को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी कौंसिल में एक्ट ऑफ गॉड करार दिया था। इस बैठक में जीएसटी कौंसिल ने राज्यों के सामने दो विकल्प रखे थे और उनसे एक हफ्ते के भीतर इन पर फैसला करने को कहा था।

विपक्षी पार्टियों के शासन वाले राज्यों की सरकारों ने जीएसटी के बकाया मुआवजे का भुगतान तत्काल करने को कहा था। केंद्र ने इससे हाथ खड़े करते हुए कहा था कि या तो राज्य खुद रिजर्व बैंक से कर्ज का जुगाड़ करें या केंद्र उनके लिए कर्ज का इंतजाम कराएगी। कहा गया था कि इसका भुगतान भविष्य में होने कर राजस्व से किया जाएगा। हालांकि, पंजाब, केरल, दिल्ली आदि राज्यों ने इस पर अपनी असहमति जता दी थी।

गौरतलब है कि केंद्र ने चालू वित्त वर्ष में जीएसटी राजस्व वसूली में 2.35 लाख करोड़ रुपए की कमी का रहने का अनुमान लगाया है। वित्त मंत्री ने जीएसटी कौंसिल की पांच घंटे चली बैठक के बाद कहा था कि कोविड-19 महामारी के कारण राजस्व में ज्यादा कमी आई है और इसकी भरपाई के लिए कर की दरें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने अटॉर्नी जनरल की कानूनी राय का हवाला देते हुए केंद्र सरकार के अपने कोष से या अपने खाते में कर्ज लेकर राजस्व की भरपाई की संभावना को खारिज कर दिया था।

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