nayaindia खट्टर सरकार का खतरा टला - Naya India
समाचार मुख्य| नया इंडिया|

खट्टर सरकार का खतरा टला

चंडीगढ़। हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार पर से खतरा टल गया है। बुधवार को विपक्ष की ओर से लाया गया अविश्वास प्रस्ताव विधानसभा में गिर गया। हालांकि भाजपा की सहयोगी जननायक जनता पार्टी के कई विधायकों ने अपनी नाराजगी जताई और किसान आंदोलन का समर्थन भी किया लेकिन वोटिंग के समय सरकार का साथ दिया। दो निर्दलीय विधायकों- बलराज कुंडू और सोमवीर सांगवान ने कांग्रेस के 30 विधायकों के साथ सरकार के विरोध में वोट किया।

अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के दौरान सरकार के पक्ष में 55 और विपक्ष में 32 वोट पड़े। 90 सदस्यों की विधानसभा में इनेलो नेता अभय चौटाला के इस्तीफे से एक सीट खाली है और कांग्रेस के एक विधायक को अयोग्य ठहराया गया है। बहरहाल, विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मुख्य विपक्षी कांग्रेस ने मनोहर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने दिल्ली सीमा पर चल रहे आंदोलन में किसानों की मौत के मसले से भाषण शुरू किया। उन्होंने प्रस्ताव पेश करने के साथ ही गुप्त वोटिंग कराने की मांग भी की।

विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री खट्टर ने कांग्रेस पर तंज किया और कहा कि कांग्रेस को कभी ईवीएम पर अविश्वास हो जाता है। कभी देश की सेना पर अविश्वास हो जाता है। अब सत्ता पर भी अविश्वास इतना बढ़ गया है। उन्होंने कहा- आलोचना करना अच्छे विपक्ष का काम है। मैं कहता हूं, आप हर छह महीने में अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएं। इससे हमें ताकत मिलेगी। भले ही विरोध है, लेकिन अच्छे काम की तारीफ भी होनी चाहिए। अपने भाषण के दौरान खट्टर एक दफा भावुक भी हो गए।

इससे पहले अपने अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने भाजपा और उसकी सहयोगी जजपा के ऊपर निशाना साधा। उन्होंने कहा- 2019 में वोटिंग से पहले लोगों का विश्वास जीतने के लिए एक पार्टी 75 पार का दावा कर रही थी तो दूसरी पार्टी यमुना पार करने की बात कह रही थी। वोटिंग में जनता ने दोनों को ही नकार दिया। यह अलग बात है कि किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला। बाद में एक-दूसरे का गला काटने वाली पार्टियां एक-दूसरे की दोस्त बन बैठीं।

सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी जननायक जनता पार्टी के विधायकों ने वोटिंग में जरूर सरकार का साथ दिया पर अपने भाषण के दौरान तेवर भी दिखाए। अविश्वास प्रस्ताव से पहले भी बजट सत्र के दौरान जजपा के विधायकों ने किसान आंदोलन को लेकर अपना दुखड़ा सुनाया। जजपा के विधायक देवेंद्र सिंह बबली ने दो दिन पहले विधानसभा में कहा कि लोग किसान विरोधी बता कर उनका और दूसरे विधायकों का बहिष्तार करने लगे हैं। लोग उनको गांवों में आने से रोक रहे हैं। उनके अलावा जजपा विधायक रामकुमार गौतम, जोगीराम सिहाग और ईश्वर सिंह ने भी अलग अलग तरीके से अपनी नाराजगी जाहिर की।

Leave a comment

Your email address will not be published.

five + 16 =

ट्रेंडिंग खबरें arrow
x
न्यूज़ फ़्लैश
रिजर्व बैंक ने फिर बढ़ाई ब्याज दर
रिजर्व बैंक ने फिर बढ़ाई ब्याज दर