तबलीगी जमात मामले में सुनवाई 24 जुलाई तक टली

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने राजधानी दिल्ली में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले विदेशी जमातियों को काली सूची में डाले जाने केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई 24 जुलाई तक के लिए आज टाल दी।

न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की खंडपीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अनुरोध पर सुनवाई अगले सप्ताह तक टालने का निर्णय लिया।

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने हालांकि इस पर कोई आपत्ति नहीं की। उन्होंने केवल इतना कहा कि इस मामले में एक नजदीकी तारीख दी जा सकती है। इसके बाद खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 जुलाई की तारीख मुकर्रर कर दी।

गत दो जून को हुई सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया था कि वह विदेशी जमातियों को स्वदेश भेजने के मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी, बल्कि केवल काली सूची में डाले जाने के मुद्दे पर ही सुनवाई करेगी। केंद्र सरकार ने भी न्यायालय को बताया था कि विदेशी जमातियों की स्वदेश वापसी तब तक नहीं हो सकेगी, जब तक उनके खिलाफ भारत के किसी भी राज्य में दर्ज आपराधिक मुकदमों की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती।

गौरतलब है कि कोरोना को लेकर केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों और राज्य सरकारों एवं पुलिस के आदेश का उल्लंघन करने पर हज़ारों जमातियों के ख़िलाफ़ विभिन्न राज्यों में आपराधिक मामले दर्ज किये गये थे जिनकी सुनवाई अदालतों में लंबित है। केन्द्र सरकार ने हज़ारों जमातियों को ब्लैकलिस्ट करके उनके वीजा रद्द कर दिए थे, जिनमें से 34 विदेशी जमातियों ने सरकार के इस आदेश के ख़िलाफ़ उच्चतम न्यायालय में याचिकाएं दायर की हैं।

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