ताजा पोस्ट | समाचार मुख्य

दुनिया भर में इंटरनेट ठप्प होने से हड़कंप

नई दिल्ली। मंगलवार का दिन दुनिया भर के इंटरनेट यूजर्स के लिए बड़ी मुसीबत वाला रहा। बड़े पैमाने पर इंटरनेट ठप्प होने से कई घंटों तक पूरी दुनिया में हड़कंप मचा रहा। खबरों के मुताबिक, अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ और न्यूज चैनल ‘सीएनएन’ सहित कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय न्यूज वेबसाइट और पोर्टल इस वजह से डाउन हो गए। शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया है कि एक प्राइवेट सीडीएन यानी कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क में समस्या आने के कारण इंटरनेट में तकनीकी खामी आई है। अमेरिका और यूरोप में इसका बड़ा असर दिखा।

खबरों के मुताबिक, मनोरंजन की तमाम लोकप्रिय वेबसाइट्स रेडिट, स्पॉटिफाई, पेपल, शॉपिफाई आदि भी ठप्प हो गई। ‘गार्डियन’, ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’, ‘बीबीसी’ और ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ जैसी साइट्स को भी इस परेशानी का सामना करना पड़ा है। माना जा रहा है कि लोकप्रिय सीडीएन प्रोवाइडर फास्टली में दिक्कत के कारण ऐसा हुआ है। सीडीएन को इंटरनेट इन्फ्रास्ट्रक्चर का बुनियादी हिस्सा माना जाता है। फास्टली जैसी कंपनियां सर्वर के ग्लोबल नेटवर्क्स के जरिए अपनी वेब सेवाओं को बेहतर बनाती हैं।

‘बीबीसी’ के मुताबिक, अमेजन, रेडिट, पिनटरेस्ट और ट्विटच जैसी बड़ी वेबसाइट्स भी काम नहीं कर पा रही हैं। ब्रिटिश सरकार की वेबसाइट जीओवी डॉट यूके भी ठप्प हुई। फास्टली का कहना है कि वो ग्लोबल कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क में आई परेशानी को दूर करने का प्रयास कर रही है। हालांकि यह समस्या क्यों आई है, इसके बारे में अभी कुछ कहना मुश्किल है। किसी साइबर हमले या अन्य बाहरी दखल को लेकर अभी कुछ नहीं कहा गया है। हालांकि फास्टली ने अपने स्टेट्स पेज पर कहा है कि कुछ वेबसाइट धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं, क्योंकि समस्या का समाधान किया जा रहा है।

बीबीसी के मुताबिक, इंटरनेट की यह समस्या स्थानीय लग रही है, क्योंकि सिर्फ यूरोप और अमेरिका में इसका असर देखा गया है। अमेजन वेब सर्विसेस पर भी इसका असर देखा गया है। ट्विटर पर कुछ विशेषज्ञों ने इंटरनेट का पूरा इन्फ्रास्ट्रक्चर सिर्फ कुछ चुनिंदा कंपनियों के हाथों में होने का सवाल भी उठाया है। उनका कहना है कि कभी भी छोटी सी समस्या इस कारण विकराल रूप धारण कर लेती है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश | उत्तर प्रदेश | ताजा पोस्ट

मरीजों पर मॉक ड्रिल, अस्पताल को क्लीन चिट

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के आगरा में कोरोना मरीजों पर मॉक ड्रिल करके उनकी जान लेने के आरोपी अस्पताल को राज्य सरकार ने क्लीन चिट दे दी है। जांच में कहा गया है कि ज्यादातर मरीज दूसरी गंभीर बीमारी से ग्रसित थे और इसी वजह से उनकी मौत हुई थी। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इसे लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला किया है और कहा है कि सरकार ने भी मॉक ड्रिल की है।

गौरतलब है कि आगरा में एक निजी अस्पताल में ऑक्सीजन मॉक ड्रिल के दौरान कई मरीजों की मौत होने के आरोप लगे थे। इस अस्पताल के मालिक का एक ऑडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वो कथित रूप से कहते हैं कि 27 अप्रैल को उन्होंने पांच मिनट के लिए ऑक्सीजन सप्लाई बंद कर दी थी। इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद सरकार ने आगरा के श्री पारस अस्पताल में 16 मरीजों की मौत की जांच के आदेश दिए थे।

जांच रिपोर्ट में अस्पताल को क्लीन चिट देते हुए कहा गया है मॉक ड्रिल की वजह से मरीजों की मौत नहीं हुई थी। जांचकर्ताओं की एक कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है- सभी मरीजों की मौत गंभीर हालत या गंभीर कोमोर्बिडिटी यानी पहले से किसी बीमारी की वजह से हुई है। इसे लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने मरीजों के परिजनों की गुहार को अनसुना कर दिया और न्याय की उम्मीद खत्म कर दी। उन्होंने ट्विट किया- विडंबना देखिए। खबरों के अनुसार, आगरा में अस्पताल ने मरीजों की ऑक्सीजन बंद करके मॉकड्रिल की और भाजपा सरकार ने क्लीन चिट देकर जांच की मॉकड्रिल कर दी। सरकार और अस्पतालः दोनों का रास्ता साफ।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *