सौ किलोमीटर लंबी ट्रैक्टर रैली

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठन 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर ऐतिहासिक ट्रैक्टर परेड निकालेंगे। किसानों को रैली की अनुमति दिए जाने के एक दिन बाद रविवार को पुलिस ने रैली का रूट भी तय कर दिया है। यह ट्रैक्टर रैली एक सौ किलोमीटर की होगी, जिसका 40 से 50 किलोमीटर का हिस्सा दिल्ली में होगा। स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव ने रविवार को रैली के रूट की जानकारी दी और साथ ही इस रैली में शामिल होने वाले किसानों से आग्रह किया कि दिल्ली के अंदर वे सिर्फ ट्रैक्टर साथ लाएं, ट्रॉली नहीं।

किसानों को तीन रूट से रैली निकालने की इजाजत दी गई है। पुलिस की ओर से दी गई इजाजत के मुताबिक किसान सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर से रैली लेकर दिल्ली के अंदर पहुंचेंगे। किसानों को टिकरी से 63 किलोमीटर, सिंघु बॉर्डर से 62 किलोमीटक और गाजीपुर बॉर्डर से 46 किलोमीटर तक रैली निकालने की इजाजत दी गई है। पुलिस ने किसानों से कहा है कि इस दौरान उन्हें शांति बनाए रखनी होगी और सुरक्षा बलों के साथ सहयोग करना होगा।

गौरतलब है कि किसान पिछले एक महीने से ट्रैक्टर रैली की तैयारी कर रहे हैं। हरियाणा और पंजाब में सैकड़ों की संख्या में महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। बताया जा रहा है कि महिलाएं ही ट्रैक्टर रैली का नेतृत्व करेंगी। किसानों की ट्रैक्टर रैली गणतंत्र दिवस की परेड की तरह होगी। जैसे गणतंत्र दिवस की परेड में अलग अलग राज्यों की झांकी होती है वैसे ही किसान भी अलग अलग राज्यों की झांकियां सजा रहे हैं। पहले माना जा रहा था कि सरकार किसानों को रैली निकालने की इजाजत नहीं देगी, इसलिए किसान अपने ट्रैक्टर को ऐसे तैयार कर रहे थे, जिससे वे किसी भी बैरिकेड को तोड़ कर आगे बढ़ें।

बहरहाल,  किसानों को आंदोलन शुरू किए दो महीने हो गए हैं। किसानों ने केंद्र सरकार के बनाए कानून का विरोध करते हुए 26 नवंबर को आंदोलन शुरू किया था। रविवार को आंदोलन के 60 दिन पूरे हो गए। इस दौरान केंद्र सरकार के साथ किसानों की 11 दौर की वार्ता हुई है लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका है। अब सरकार ने अपनी ओर से एक प्रस्ताव दिया है, जिसमें उसने कहा है कि वह कानून पर डेढ़ साल तक रोक लगा देगी और इस बीच कमेटी बना कर बात की जाए। सरकार ने किसानों को 24 घंटे का समय दिया था। वह समय सीमा बीत गई है। किसानों ने कहा है कि वे ट्रैक्टर रैली के बाद इस पर विचार करके अपनी राय देंगे।

पुलिस को गड़बड़ी का अंदेशा

चार दिन की वार्ता के बाद पुलिस ने किसानों को गणतंत्र दिवस के रोज ट्रैक्टर रैली निकालने की इजाजत दे दी है लेकिन साथ ही पुलिस ने रैली के दौरान गड़बड़ी की आशंका भी जताई है। दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दीपेंद्र पाठक ने कहा कि पुलिस और किसान संगठन मिल कर किसी भी संभावित गड़बड़ी को रोकेंगे। गौरतलब है कि दो दिन पहले ही किसान संगठनों के लोगों ने ही एक युवक को पकड़ा था, जो ट्रैक्टर रैली के दौरान चार किसान नेताओं को मारने के मकसद से पहुंचा था।

बहरहाल, किसान संगठनों को रैली की मंजूरी और रूट की जानकारी देने के बाद दिल्ली पुलिस ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि सीमा पार से आंदोलन में हिंसा की साजिश रची जा रही है। विशेष आयुक्त दीपेंद्र पाठक ने कहा- किसानों की रैली में हिंसा के लिए कई इनपुट मिल रहे हैं। 13 जनवरी से 18 जनवरी के बीच समीक्षा के दौरान हमें पता चला कि रैली में गड़बड़ी फैलाने के लिए 308 ट्विटर हैंडल पाकिस्तान में जेनरेट हुए हैं।

पाठक ने कहा कि गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय समारोह के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा और दूसरे समूहों के साथ बातचीत की गई है। उन्होंने कहा- 26 जनवरी की सुरक्षा व्यवस्था और रैली की सुरक्षा पर हमारा फोकस है। दिल्ली में आने के बाद किसानों के काफिले को गणतंत्र दिवस परेड वाले दायरे से पहले दाएं-बाएं घुमा दिया जाएगा। किसानों ने 26 जनवरी की ट्रैक्टर रैली को किसान गणतंत्र परेड का नाम दिया है।

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