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भारत ने चीन को दे दी जमीन

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी पर चीन के साथ पिछले नौ महीने से चल रहे गतिरोध के खत्म होने की घोषणा के एक दिन बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि भारत की सरकार ने भारत माता का एक हिस्सा चीन को सौंप दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर देश से गद्दारी का भी आरोप लगाया है।

चीन के साथ एलएसी पर गतिरोध खत्म होने को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से संसद के दोनों सदनों में दिए गए बयान के बाद राहुल ने शुक्रवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत माता का एक टुकड़ा चीन को दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री चीन के सामने झुक गए और उन्होंने सैनिकों की शहादत के साथ विश्वासघात किया है।

राहुल ने शुक्रवार को कहा- कल रक्षा मंत्री ने दोनों सदनों में बयान दिया। कई ऐसी चीजें हैं जिन्हें स्पष्ट करने की जरूरत है। पहली बात यह है कि इस गतिरोध के शुरुआत से ही भारत का यह रुख रहा है कि अप्रैल, 2020 से पहले की यथास्थिति बहाल होनी चाहिए, लेकिन रक्षा मंत्री के बयान से स्पष्ट है कि हम फिंगर चार से फिंगर तीन तक आ गए।  उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री ने भारतीय सीमा चीन को क्यों दी? इसका जवाब प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री को देना है। देपसांग इलाके में चीन हमारी सीमा के अंदर आया है। इस बारे में रक्षा मंत्री ने एक शब्द नहीं बोला।

राहुल गांधी ने दावा किया- सच्चाई यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की पवित्र जमीन चीन को दे दी है, उन्होंने भारत माता एक टुकड़ा चीन को दे दिया है।  गौरतलब है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को संसद में बताया कि चीन के साथ पैंगोंग झील के उत्तर व दक्षिण किनारों पर सेनाओं के पीछे हटने का समझौता हो गया है और भारत ने इस बातचीत में कुछ भी खोया नहीं है। राजनाथ सिंह ने कहा कि पैंगोंग झील क्षेत्र में चीन के साथ सेनाओं के पीछे हटने का जो समझौता हुआ है, उसके अनुसार दोनों पक्ष चरणबद्ध तरीके से पीछे हटेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अब भी पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तैनाती और गश्ती के बारे में कुछ लंबित मुद्दे बचे हुए हैं, जिन्हें आगे की बातचीत में रखा जाएगा।

रक्षा मंत्रालय ने आरोपों को खारिज किया

भारत की जमीन चीन के लिए छोड़ देने के राहुल गांधी के आरोपों पर रक्षा मंत्रालय ने जवाब दिया है। राहुल गांधी ने शुक्रवार को राहुल गांधी की प्रेस कांफ्रेंस के बाद सफाई देते हुए कहा कि उनके आरोप पूरी तरह से गलत हैं। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि, यह कहना बिल्कुल सही नहीं है कि भारतीय फिंगर चार तक है। भारत अपने नक्शे में उस इलाके को भी दिखाता है, जो चीन के कब्जे में है। यह इलाका 43 हजार वर्ग किलोमीटर का है।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, वास्तविक नियंत्रण रेखा भारत के मुताबिक फिंगर आठ तक है, न कि फिंगर चार तक। यही वजह है कि भारत हमेशा फिंगर आठ तक पेट्रोलिंग करने की अपनी मांग दोहराता रहा है और यही चीन के साथ समझौता भी हुआ है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि हॉट स्प्रिंग गोगरा और देपसांग वैली में भी जो विवाद है, उसे भी सुलझा लिया जाएगा। पैंगोंग झील में सैनिकों की वापसी के 48  घंटे बाद इन क्षेत्रों भी पूर्व की स्थिति बहाल करने को लेकर बात शुरू की जाएगी।

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